मुद्दा:
शिक्षा जरूरी है कि शराब की कमाई जरूरी है: रामप्रकाश तिवारी
1 से 30 जून 2020 तक पाँचवी लाँकडाउन की अवधि बढ़ाते हूए केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा की इस दौरान स्कूल, कालेज बन्द रहेगें, झारखंड सरकार के अपर सचिव श्री उमाशंकर सिंह ने विभागीय पत्र जारी करते हूए दिनांक-01.06.2020 से सभी सरकारी स्कूलो में कक्षा-8,9,10,12 के छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई हेतु स्कूल खोलने के पूर्व आदेश को रद्द कर दिया।
केंद्र सरकार ने जारी अपने गाइडलाइंस में जुलाई 2020 से स्कूल को खोलने, छात्रों की पढ़ाई शुरू करने का झारखंड राज्य सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों को अधिकार दे दिया।
शराब दुकान से लेकर माल,होटल,दवा, पुस्तक, राशन इत्यादि अन्य सभी दुकानों को खोलने की छुट दे दिया लेकिन स्कूल, कालेज को खोलने का निर्णय नहीं करके मोदी की केंद्र सरकार, हेमन्त की झारखण्ड सरकार ने लाखों गरीब आदिवासी, दलित, पिछड़े,उच्च, अल्पसंख्यक बच्चों-बच्चियो के शैक्षणिक भविष्य को चौपट करने में लग गई है।
पहले लाँकडाउन की घोषणा के समय पाँच सौ से अधिक कोरोना संक्रमित पीड़ित मरीज थे आज ढ़ेड़ से दो लाख कोरोना पीड़ित मरीज है,सरकार लाँकडाउन में अनेक छुट दिया लेकिन लाखों छात्रों-छात्राओ के शैक्षणिक भविष्य को बचाने के लिए केंद्र सरकार, झारखंड सरकार ने 1 से 30 जून 2020 के लाँकडाउन के दौरान स्कूल नहीं खोलने का दिशानिर्देश जारी करने से झारखंड राज्य के लाखों गरीब छात्रो-छात्राओं का भविष्य चौपट हो रहा है और शिक्षकों, शिक्षिकाओं,कर्मचारियों,स्कूल प्रबंधको को आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है।
आगे जुलाई 2020 से सभी प्राइवेट स्कूल खुलेगें इसकी क्या गांरटी है? कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जा रहे है।ऐसे में स्कूल, कालेज को सरकार खोलने से मना कर सकती है शराब में सरकार को करोड़ों रूपये राजस्व मिलती है दुसरी तरफ प्राइवेट स्कूलो से सरकार को एक रूपया राजस्व नहीं मिलता है,फिर बच्चों, बच्चियो को कोरोना महामारी से बचाने के नाम पर स्कूलो को न खोलने की नोटंकीबाजी कर रही है कोरोना लाँकडाउन को सरकार ने मजाक बना दिया है।करोड़ो बच्चे शहर,गांव की गली मुहल्ला में एक साथ एकत्रित होकर खैल कुद रहे है और कोरोना से संक्रमित नहीं हो रहे है जो पिता शराब पीकर दिन भर घुमकर घर में लौटते है और अपने पत्नी, बच्चों, बच्चियो को मारते पीटते है भोजन तक नहीं देते जो पैसा है शराब खरीद कर पी जाते है,कई शराबी कोरोना से संक्रमित होकर घर लोटकर अपने पत्नी, बच्चों को कोरोना से संक्रमित कर देते है जिन शराबी व्यक्तियों का फेफड़ा कमजोर है वह कोरोना से जल्द संक्रमित होकर मर जाते है।बच्चे, पत्नी अनाथ,विधवा हो जाते है।
शिक्षा जरूरी है कि? शराब की कमाई जरूरी है?
अंधेर नगरी के चौपट राज्य का शासन में सत्तारूढ़ के नेताओं ने जनहित कार्य करने के बजाय नोटंकी कर रहे है।
जागो जनता जागो।उक्त आशय की जानकारी रामप्रकाश तिवारी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र राष्ट्रवादी पार्टी रांची झारखण्ड ने प्रेस विज्ञप्ति के तौर पर की है .

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