नवजात के मौत के बाद हंगामा
बलिया (पी एम ए) शहर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजेश कुमार केजरीवाल के निजी अस्पताल में एक नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जम कर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों का आरोप है कि नवजात शिशु की तबियत खराब होने पर बच्चे को डॉक्टर राजेश कुमार केजरीवाल को दोपहर में तकरीबन 1 बजे दिखाने लाये जिसके बाद जांच कर बच्चे को डॉक्टर ने अपने अस्पताल में एडमिट कर लिया। मृत नवजात बच्चे को गोद में लिए फुट- फुट कर रो रहे दादा ने बताया कि पांच घण्टे तक डॉक्टर ने एक बार भी बच्चे को नही देखा इस दौरान हॉस्पिटल के स्टाफ से परिजन गुहार लगाते रहे पर स्टाफ ने बदसलूकी करते हुए परिजनों को डाटना शुरू कर दिया और देर साम लगभग साढ़े 6 बजे हॉस्पिटल के तरफ से बताया गया कि बच्चे की मौत हो गयी है। घटना के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से लेकर डॉक्टर तक से घटना की जानकारी ली वही डॉक्टर राजेश कुमार केजरीवाल का कहना है कि बच्चे की तबियत ज्यादा खराब थी लिहाज़ा बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गयी।
सवाल खड़ा होता कि जिन डॉक्टरों के भरोसे आम आदमी अपने बच्चों का इलाज ऐसे अस्पतालों में कराता है, उसकी हकीकत इतनी भयानक है कि सच्चाई से पर्दा उठ जाए तो ऐसे अस्पताल किसी कसाई खाने से कम नही लगेंगे। इस मामले में भी जब डॉक्टर केजरीवाल से पूछा गया कि पांच घण्टे अस्पताल में न रहने के दौरान बच्चे का इलाज एनआईसीयू में किस डॉक्टर के देख रेख में हो रहा था तो डॉक्टर साहब की बोलती बंद हो गयी। दरअसल हकीकत यही है कि ऐसे योग्य डॉक्टर पैसा कमाने के नाम पर हॉस्पिटल तो खोल लेते है पर अनट्रेंड स्टाफ के जरिये अपना धंधा चमकाने में लगे है। इस घटना में भी ऐसा ही कुछ हुआ जिस दौरान बच्चे की स्थिति खराब हुई उस दौरान कोई जूनियर डॉक्टर हॉस्पिटल में मौजूद नही था नतीजा दो दिन के एक नवजात की मौत हास्पिटक की इस बड़ी लापरवाही के कारण हो गयी और परिजन हाथ मलते रह गए।

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