बाल शिक्षा विषय पर विधिक साक्षरता
शिविर किया गया आयोजित
प्रयागराज ,बारा तहसील के ग्राम बेवरा में बाल श्रम, बाल अधिकार, बाल शिक्षा विषय पर विधिक साक्षरता शिविर किया गया आयोजित शिविर में अनुच्छेद 24 व बच्चों के साथ यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं व उनसे जुड़ी धारा और अधिनियम पर दी गई जानकारी उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार व विनोद कुमार तृतीय माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार ग्राम बेवरा तहसील बारा, इलाहाबाद मे चंद्रमणि सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में बाल श्रम, बाल अधिकार ,बाल शिक्षा, विषय पर कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए गुरूवार को विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया, जिसमें हिना कौसर अपर सिविल जज जुनियर डिविजन इलाहाबाद द्वारा बच्चों के मूल अधिकार से संबंधित अनुच्छेद 24 व बच्चों के साथ यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं उनसे जुड़ी धारा और अधिनियम पर जानकारी दी साथ ही यह भी बताया कि बाल श्रम बच्चों के विकास में बाधक है शिक्षा के माध्यम से बाल श्रम को रोका जा सकता है। न्यायिक अधिकारी मनाली चंद्रा अपर सिविल जज जुनियर डिविजन बाल श्रम अधिनियम 1986 पॉक्सो कानून 2012 के अंतर्गत शून्य सहिष्णुता के सिद्धांत व बच्चों के विरुद्ध हो रहे यौन अपराधों को कविता के माध्यम से प्रकाश डाला बाल शिक्षा में के अधिकार गांधी जी एवं गोखले जी के आदर्शो से लोगों को अवगत कराया।
सचिव चंद्रमणि ने कहा की समाज में हो रहे बाल अपराध के समाप्त करने के लिए बाल शिक्षा और बाल श्रम पर रोक लगाकर उसे मूलता समाप्त किया जा सकता है तथा यह भी प्रकाश डाला की तहसील बारा के नागरिकों के मुकदमे यदि न्यायालय में विचाराधीन चल रहे हो और उन्हें कोई अधिवक्ता धन के अभाव में नहीं मिल पा रहा है तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में अपना प्रार्थना पत्र देकर उनको वकील निशुल्क उपलब्ध कराए जाने पर भी जोर दिया गया, जिससे तहसील बारा की जनता को न्याय मिलने में आसानी उपलब्ध हो सके। इसी दौरान विद्वान अधिवक्ता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने तहसील बारा की जनता को विधिक जानकारी प्रदान करते हुए न्याय दिलाने के लिए आश्वस्त कराया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रधान मोहम्मद शमीम द्वारा संपादित किया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी नितिन श्रीवास्तव उपस्थित रहे। यह जानकारी चन्द्रमणि सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी गई।
राम आसरे

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