45 दिवसीय कोविड-19 व टीकाकरण पर
प्रचार अभियान का माघी पूर्णिमा स्नान पर्व
के साथ हुआ समापन
प्रयागराज(राम आसरे),प्रादेशिक लोक संपर्क ब्यूरो लखनऊ द्वारा माघ मेले में आयोजित 45 दिवसीय प्रचार अभियान का आज माघी पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ समापन हो गया। अन्तिम दिन विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा संदेशमूलक सांस्कृतिक कार्यक्रम और जादूगर के कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये साथ ही कोविड सक्रमण को रोकने और टीकाकरण की जागरुकता को लेकर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया और विजयी प्रतियोगियों को पुरस्कार वितरित किये गये। ब्यूरो के संयुक्त निदेशक सुनील शुक्ल ने बताया है कि 14 जनवरी से शुरु हुए प्रचार अभियान में क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो प्रयागराज के साथ साथ आजमगढ़, बाँदा, वाराणसी, झाँसी, गोरखपुर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मेले के सभी सेक्टरों में प्रचार अभियान का संचालन किया। कोविड-19 और स्वच्छता के साथ साथ कोविड टीकाकरण की जागरुकता के लिए मेले के एम0जी0 मार्ग पर स्थापित ब्यूरो के शिविर का भी आज समापन हो गया। अभियान के दौरान लगातार चेतना रथों के माध्यम से सभी सेक्टरों मे ंलोगों को कोविड से जुड़ी जानकारियाँ प्रदान की गयीं और प्रचार साहित्य भी वितरित किया गया। प्रचार अभियान के दौरान लगभग 20 प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गयीं और राज्य के विभिन्न जिलों से आये सांस्कृतिक दलों ने लगभग 50 से अधिक सदेशमूलक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। प्रचार अभियान का उद्घाटन इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय एवं पुलिस महानिरीक्षक के0पी0 सिंह ने किया था। शिविर का भ्रमण ब्यूरो के अपर महानिदेशक आर0पी0 सरोज ने भी किया और अभियान के दौरान आयोजित की जा रही गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा है कि माघ मेले के दौरान आगामी वर्षों में ब्यरूो की गतिविधियों को और व्यापक किया जायेगा। जागरुकता के चेतना रथों का संचालन बहुत ही उत्साहवर्धक साबित हुआ। मेले में आये श्रद्धालुओं ने चेतना रथों के प्रति रूचि दिखाई और उपलब्ध प्रचार साहित्य भी प्राप्त किया। ब्यूरो के शिविर में ‘‘हारेगा कोरोना जीतेगा इण्डिया’’ शीर्षक से एक प्रदर्शनी भी लगाई गयी थी जिसमें कोविड संक्रमण को रोकने और टीकाकरण को लेकर व्यापक जानकारी दी गयी थी।प्रचार अभियान के सफल आयोजन में ब्यूरो के राम मूरत विश्वकर्मा, जय सिंह, राजेश बरनवाल, बी0एल0पाल0, द्वारिका प्रसाद, तारिक अजीज, गौरव त्रिपाठी, ए0के0 विश्वकर्मा, डाॅ0 लालजी, श्यामदेव, के0 विवेकानन्द राजेश, वी0डी0 शर्मा, राजेन्द्र सिंह, रविन्द्र कुमार शुक्ला, हरी लाल, पराग तिवारी का विशेष योगदान रहा।

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