अधिक से अधिक सक्षम लोगो को आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद लेने का राज्यपाल महोदया ने किया आह्वाहन

अधिक से अधिक सक्षम लोगो को आंगनबाड़ी 

 केन्द्रों को गोद लेने का राज्यपाल

 महोदया  ने किया आह्वाहन


   प्रयागराज(राम आसरे),राज्यपाल महोदया ने गुरूवार को कटरा के बख्तियारी प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आंगनबाड़ी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न करने हेतु आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। राज्यपाल महोदया के द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र से सम्बंधित आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया। राज्यपाल महोदया के द्वारा अलिस्फा फातिमा का अन्नप्रासन एवं गर्भवर्ती महिलाओं का गोदभराई कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उन्होंने इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को पोषण किट का वितरण भी किया। अनिका बेगम, रोजिना, मनीषा, रजनी, सबा, सिबा को राज्यपाल महोदया ने अपने हाथों से पोषण किट प्रदान किया और आतिफ जो कि कुपोषित था, जो अब ठीक होकर सामान्य श्रेणी में शामिल हुआ है, को भी राज्यपाल महोदया ने अपने हाथों से पोषण किट प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 03 से 06 साल के बच्चें आते है, इसलिए इन केन्द्रों पर बच्चों के खेलने के लिए खिलौने एवं उनकी उपयोग की वस्तुएं होनी चाहिए, जिससे कि बच्चों का मन भी लगे और उनकी देखभाल के साथ-साथ उनको उचित पोषण भी मिल सके। इसके लिए उन्होंने प्रयागराज के विभिन्न काॅलेजों एवं इंस्टीट्यूट के लोगों से इन आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद लेने का आह्वाहन किया। उन्होंने एकेटीयू के वीसी प्रो0 विनय कुमार पाठक का धन्यवाद किया, जिन्होंने इंस्टीट्यूट के लोगो को आंगनबाड़ी केन्द्रों से जोड़ने में ब्रिज का काम किया है। उन्होंने कहा कि लोग स्वेच्छा से एक या दो आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद ले सकते है। सरकार के साथ-साथ हम-सबका भी दायित्व है कि हम गरीब बच्चों के पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य में योगदान करें। हम सब पर देश का एक ऋण है, जिसे हम सबकों को चुकाना है। हम-सब स्वेच्छा से दिल से एवं सेवा भाव से आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद ले और इस ऋण को चुकता करें। उन्होंने इन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कार्यरत वर्कर एवं हेल्पर के टेनिंग की व्यवस्था किये जाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि इन लोगो को टेªनिंग देकर इस प्रकार तैयार करना है, वे सहानुभूति, आपसी मदद, साहस, बेहतर शिक्षा जैसे गुणों का विकास इन छोटे-छोटे बच्चों में पैदा कर सके। बच्चों से घूल-मिलकर एवं बच्चा बन कर हमें बच्चों को सिखाना होगा। हमें इस बात का ध्यान देना चाहिए कि बच्चों से करायी जाने वाली प्रार्थना कैसी हो, उनका पाठ्यक्रम कैसा हो, इसके लिए उन्होंने सुपरवाईजर एवं सीडीपीओ को इसमें शामिल किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी भी सेवाभाव से जुड़ेंगे तभी व्यवस्था अच्छी चलेंगी और सुविधायें उपर से नीचे तक पहुंच पायेंगी। इसके लिए उन्होंने टीम भावना से काम करने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को कहानियों, कविताओं के साथ-साथ मैथ्स और साइंस भी स्टोरी के माध्यम से सिखाने की जरूरत है, जिससे कि बच्चों की रूचि सभी विषयों में हो सके। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों को आगे करना है तथा हमें पीछे रहना है। शिक्षक का कार्य होता है सिखाना, ऐसे कार्यक्रमों की पूरे उत्तर प्रदेश में जरूरत है। उन्होंने इसके लिए अधिक से अधिक सक्षम लोगो को आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद लेने का आह्वाहन किया। उन्होंने लोगो से अपील की कि गोद लिए हुए केन्द्रों पर किन वस्तुओं की आवश्यकता है, उन्हीं वस्तुओं को उपलब्ध कराने का प्रयास करें। यदि बच्चों से खेलते-खेलते कोई सामान टूट जाये, तो इन केन्द्रों पर लगे कर्मचारियों को अधिकारियों द्वारा डाटा न जाये, क्योंकि टूटने वाली वस्तु तो बच्चों से टूटेगी ही। बच्चों का सम्पूर्ण विकास इन केन्द्रों पर अच्छे से हो सके, इसका ध्यान सभी को रखना है। उन्होंने कार्यक्रम में आये लोगो का धन्यवाद किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी- शिपू गिरी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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