महिला दिवस : महिलाओं
की भूमिका पर कार्यक्रम
आयोजित- जित किया गया
आज दिनांक 14 मार्च 2021 को होटल ग्रीन एकड़ में रांची चैप्टर ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया| इस कार्यक्रम का विषय था एमएसएमई मैं महिलाओं की भूमिका| इस कार्यक्रम की शुरुआत रांची चैप्टर के अध्यक्ष विद्याधर प्रसाद के स्वागत भाषण के साथ हुआ| श्री प्रसाद ने मुख्य अतिथि श्रीमती स्वप्नाली बसु तथा प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा की कामकाजी महिलाएं अपने जीवन में दोहरी भूमिका निभाती हैं घर पर परिवारिक जिम्मेवारी के साथ कार्यस्थल पर दी गई जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन करती है अतः यह उनका अधिकार है की उनके द्वारा समाज में किए गए विशेष योगदान को सराहना के लिए इस तरह के आयोजन होने चाहिए| साथ ही उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा के क्षेत्र में श्रद्धेय सावित्रीबाई फुले तथा अन्य महान आत्माओं के योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति अपना श्रद्धा व्यक्त किया| इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती स्वप्नाली बसु ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है इस पर प्रकाश डाला| साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ समान व्यवहार हो ऐसी आशा व्यक्त की| उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्रीमती बसु ने कहा की महिलाओं को बराबरी का दर्जा का हक बनाए रखने के लिए कार्यस्थल पर अपने महिला होने का बहाना न बनाते हुए अपने कर्तव्यों का सम्यक निर्वाहन करना चाहिए|
इस अवसर पर एमएसएमई में महिलाओं की भूमिका विषय पर बोलने के लिए विशेष रुप से कोलकाता से वर्चुअल मोड पर जुड़े केंद्रीय परिषद के सदस्य श्री चितरंजन चट्टोपाध्याय ने रांची चैप्टर ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट की इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा की एमएसएमई में महिलाओं के उद्यमिता विकास की अपार संभावनाएं हैं| एमएसएमई के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा की इन योजनाओं का विशेष लाभ महिला उद्यमियों को मिल सकता है परंतु वर्तमान में एमएसएमई क्षेत्र में कुल उद्यमियों में सिर्फ 13.76 प्रतिशत ही महिलाएं हैं| उन्होंने इस बात पर जोर दिया की महिला उद्यमिता के विकास के लिए रांची चैप्टर द्वारा श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम आयोजित किया जाए| इस कार्यक्रम के आयोजन में मुख्य भूमिका मीनाक्षी कुमार, मीरा प्रसाद एवं कैसर अमन का रहा| धन्यवाद ज्ञापन करते हुए चैप्टर के उपाध्यक्ष अरुणजय कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आए और साथ ही साथ समाज भी महिलाओं को लेकर अपनी सोच बदले तथा हर क्षेत्र में उन्हें बराबर सम्मान एवं पारिश्रमिक मिले| इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा उपस्थित सभी महिला प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह दिया गया|

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