आम्रपाली परियोजना में रोज़गार के सम्बंध
में बेरोजगार विस्थापित रैयतों का हुआ बैठक
विस्थापित - प्रभावित मजदूर युवाओं के साथ बैठक पी.ओ. कार्यलय के बगल में किया गया बैठक कोविड 19 को देखते हुवे दूरी बना कर किया गया । युवाओं के नेता धर्म साव ने बताया की सी.सी.एल. और ट्रास्पॉटिंग कंपनी की रोज़गार देने के नाम से झूठा छलावा देते आ रहा है ।
आम्रपाली परियोजना के पी.ओ. कार्यलय के बगल से ट्रास्पॉटिंग कम्पनी का रॉड बनाया गया था और सी.सी.एल .के जी.एम .एके . चौबे. द्वारा रोज़गार के लिए विस्थापितों युवाओं को रखने की बात किया गया था परन्तु जनवरी - फरवरी में विस्थपित युवाओं को काम करवा के नॉक झोंक के माध्यम से बन्द कर दिया गया और पी.ओ.कार्यलय के बगल बेरियर को ताला लगा दिया गया था ।
पूना : - सी.सी.एल. और वन विभागीए पदाधिकारियों की मिलीभगत से पी.ओ. कार्यलय के बेरियर को ताला को खोल आरकेटीसी ट्रास्पॉटिंग करने की है फ़िराक में जिससे अनेकों जंगल - झाड़ी उजाड़ कर बन्जर बनाया जा रहा है जो जाँच का विषय है ।
भारत सरकार जंगलों को बचाने के लिए पर्यावण दिवस मनाया जाता है पर ये सब ताक में रखते हुवे राज्य सरकार को चुनौतीया दे रहा ।
वही चतरा के डीएफओ कहतें हैं की जंगलों को अतिक्रमण होता है तो कानूनी करवाई होगी पर ना किसी अधिकारीयों में डर नाम का कोई किस्म रह हीं नहीं गया है और अन्य कंपनियों द्वारा जंगलों को उजड़ा जा रहा है । विस्थापित रैयतों का कहना है की बिना ग्रमीणों की सहियोग के बगैर N.O.C.कैसे मिल जाता है और विस्तृत करण कैसे हो रहा है ,ग्रमीणों को विरोध करने के बाद भी ?


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