दार्शनिक दृष्टिकोण में कविता
की रचनात्मक कल्पना
'झारखंड फिलासफिकल फोरम ' के द्वारा 'सुने और सुनाएं' कार्यक्रम के तहत एक काव्य गोष्ठि , दिनांक २५-०७ २०२१ संध्या ५ बजे आयोजित किया गया, जिसका विषय था_ 'दार्शनिक दृष्टिकोण में कविता की रचनात्मक कल्पना ' । इस कार्यक्रम का शुभारंभ 'मंगलाचरण' से किया गया जिसे डॉ चंद्राबोली गांगुली ने अपने मधुर सुरों से संवारा।
डॉ अशरफ़ बिहारी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया एवं नये सदस्यों को परिचित कराया। डॉ प्रदीप कुमार सिन्हा ने कार्य क्रम से सम्बंधित अपनी अंतर्दृष्टि साझा किया।
डॉ कुमारी भारती, डॉ सरवत अफ़रोज़, डॉ प्रदीप कुमार सिन्हा, डॉ सोनम गुप्ता, डॉ सोनी सिन्हा, डॉ अशरफ़ बिहारी, डॉ ताप्ती चक्रवर्ती तथा अन्य प्रतिभागियों ने अपनी कविताओं से देश के विभिन्न राज्यों से शामिल हुए श्रोतागण को मन मुग्ध किया। डॉ ताप्ती चक्रवर्ती ने कार्य क्रम का संचालन किया।
डॉ सरस्वती मिश्रा एवं डॉ लक्ष्मी जा ने कार्य क्रम से सम्बंधित अपने दृष्टिकोण तथा अनुभव को साझा करते हुए फोरम के टीम को आशीर्वाद एवं बधाई प्रदान किया। डॉ सोनम गुप्ता ने तकनीकी व्यवस्था को अंजाम दिया। अन्त में डॉ प्रदीप गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


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