मर गई ममता : पैदा होते ही
नवजात को नदी में फेंका दर्द
से तड़पता रहा मासूम चीख-
पुकार की आवाज एक व्यक्ति
ने पहुंचाया अस्पताल
गोड्डा : जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है जिले के कझिया नदी में बुधवार शाम को घटना क्रम ने मां की ममता को तार-तार कर दिया कलयुगी मां ने अपनी ममता को मारते हुए नवजात बच्ची को जन्म लेते ही मरने के लिए गोड्डा के कझिया नदी के किनारे फेंक दिया लेकिन कहते हैं मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है झाड़ी में फेंका गया नवजात लगातार रोये जा रहा था मानों वह पुकार रहो कि मां तुम कहां हो--मां तुम कहां हो मुझे यहां क्यों छोड़ दी है मेरे पूरे बदन पर चीटियां रेंग रही हैं, वह काट रही हैं उसके करुण क्रंदन ने शाम के एक अनजान व्यक्ति नदी की ओर दिशा मैदान करने के लिए जा रहे थे तभी बच्चों की करुण पुकार सुनकर व्यक्ति ने नवजात बच्चे की ओर ध्यान दिया उसके रोने की आवाज तब बंद हुई जब बाबूराव नामक व्यक्ति आए और उसे अपनी गोद में उठाए
बाबूराव नामक व्यक्ति ने मासूम नवजात बच्चे को सदर अस्पताल गोड्डा पहुंचाया जहां नवजात मासूम बच्चों का इलाज चल रहा है मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मासूम नवजात बच्चा सदर अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती है जहां बच्चे का इलाज हो रहा है मासूम नवजात अभी पूरी तरह से सुरक्षित है अब सवाल यह है कि नवजात मासूम बच्चा किस अस्पताल या नर्सिंग होम में जन्म लिया था जो कि बच्चों को नदी के किनारे फेंक दिया है नवजात बच्चे को नदी में फेंक जाने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है कोई तो कह रहा है महिलाएं अपनी साक्ष को छुपाने के लिए इस तरह का घिनौना कृत्य किया होगा

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