मोहन भागवत जी सभी भारतीय
का डीएनए एक होने का बयान
देकर स्वयं लोगों के बीच में हास्य
के पात्र बन रहे हैं :मनोहर यादव
भागवत जी यदि सभी भारतीयों का डीएनए एक ही है तो आर एस एस के 96 वर्षों के कार्यकाल में एक भी एसटी एससी ओबीसी या मुसलमान को आज तक संघ प्रमुख क्यों नहीं बनाया गया ?
1925 के अपने स्थापना काल से लेकर 2021 तक आर एस एस के छह प्रमुख हुए जिसमें पांच महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण और एक उत्तर प्रदेश के राजपूत जाति के रज्जू भैया ही संघ प्रमुख क्यों बने ?
आर एस एस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अल्पसंख्यक तो दूर की बात है एसटी एससी और ओबीसी से एक भी व्यक्ति को क्यों नहीं रखा गया ?
49 सदस्यीए आर एस एस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 39 ब्राह्मण 4 वैश्य, 2 कायस्थ 2 खत्री और 2 जैन शामिल है ।पशु चिकित्सक डॉक्टर मोहनराव मधुकरराव भागवत जी का जो यह बयान है कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है वह उत्तर प्रदेश मे आसन्न विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दिया गया बयान लगता है और इस बात को देश की 140 करोड़ जनता भली-भांति समझ रही है , आश्चर्य की बात है इस तरह के बयान भागवत जी देते हैं , ठीक विपरीत आर एस एस के मानसिकता वाले लोग प्रतिदिन सोते जागते हुए सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम विरोधी मनगढ़ंत और फर्जी बातें मीडिया से लेकर सोशल मीडिया मे प्रचारित करते रहते हैं ।
आर एस एस समर्थक यदि दिन प्रतिदिन सुबह शाम मुस्लिम विरोध का प्रचार नहीं करें तो उनकी पेट की खाल पचती ही नहीं है।मनोहर कुमार यादव

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