स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों पर पाबंदी और
सांसदों विधायकों को खुला सांड की तरह क्यों छोड़
रहे हैं योगी जी : मनोहर कुमार यादव
यह कानून पास होने के एक साल बाद लागू होगा
यानी कि2022के नए मुख्यमंत्री के गले की फास
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का प्रस्ताव तैयार कराया है इस प्रस्ताव को अपने कार्यकाल के मात्र 6 माह पहले लाया है जो उनके निर्णय पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
योगी जी अपने मुख्यमंत्री काल के साढे़ 4 वर्ष तक कुंभकरण की नींद सोए रहे और जब मात्र 5 -6 महीना विधानसभा चुनाव का शेष रह गया है तब इस तरह का कानून बिना किसी स्वास्थ्य विभाग के रिसर्च के आधार पर लाए हैं।
आश्चर्यजनक है की जनसंख्या नियंत्रण या वृद्धि या स्थायीकरण पूर्णतः स्वास्थ्य विभाग का कार्य क्षेत्र में आता है लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य विधि आयोग से प्रस्ताव तैयार कराया है, विधि आयोग के चेयरमैन जस्टिस ए के मित्तल की अध्यक्षता में यह प्रस्ताव तैयार किया गया है जबकि यह प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग के अध्ययन और रिसर्च के आधार पर आना चाहिए था ।
सबसे आश्चर्यजनक बात है की जनता के प्रतिनिधियों के सबसे निचले स्तर स्थानीय निकाय एवं पंचायत के जनप्रतिनिधियों को दो से अधिक बच्चे होने पर चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने का प्रावधान किया गया है और सांसदों एवं विधायकों को खुले सांड की तरह छोड़ दिया गया है। यदि मुख्यमंत्री ,मंत्री ,सांसद विधायक , आईएएस, आईपीएस और न्यायधीशों पर भी यह कानून लागू होता तो जनसंख्या नियंत्रण में यह सबसे ज्यादा प्रभावी होता लेकिन पता नहीं अविवाहित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रस्ताव में इन लोगों को शामिल करने से क्यों डर रहे हैं ?
कानून बनने के बाद यदि 2 से अधिक बच्चे पैदा करते हैं तो सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को वंचित होना पड़ेगा साथी नौकरी करने वालों को किसी तरह का कोई इंक्रीमेंट या प्रमोशन नहीं मिलेगा यदि नौकरी मिलने से पहले दो से अधिक बच्चा पैदा करते हैं तो नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते हैं , एक राशन कार्ड में अधिकतम 4 ही नाम रहेगा तथा अन्य कई प्रकार की पाबंदियां इस प्रस्ताव में लगाई गई है ।
19 जुलाई तक लोगों से सुझाव भी मांगे गए हैं और खास बात है की उत्तर प्रदेश विधि आयोग के चेयरमैन जस्टिस एके मित्तल ने कहा है कि यह कानून पास होने के 1 साल बाद लागू होगा यानी कि 2022 में जो नई सरकार चुनकर आएगी उसके ऊपर इस नियम को लागू करने का पूरा भार होगा ।
इससे तो यही प्रतीत होता है कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के लोगों को मुंगेरीलाल के हसीन सपने ही दिखा रहे हैं।
मनोहर कुमार यादव

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