रांची,आर. डी. बीए. एडहॉक कमेटी-औचित्य हीन:रतीश रौशन उपाध्याय

रांची,आर. डी. बीए. एडहॉक 

कमेटी-औचित्य हीन:रतीश रौशन उपाध्याय







रांची जिला बार एसोसिएशन की वर्तमान एडहॉक कमेटी औचित्यहिन हो चुकी है क्योंकि उनका कहना है कि-
1. यह कमिटी किसी भी अधिवक्ता के मेडिक्लेम का भुगतान नहीं कर सकती है।
2. यह कमिटी किसी भी अधिवक्ता के डेथक्लेम का भी भुगतान नहीं कर सकती है।
3. यह कमेटी किसी भी अधिवक्ता के पास बुक के पैसे का भी भुगतान नहीं कर सकती है।
यहां तक कि तदर्थ समिति द्वारा अभी तक दिवंगत अधिवक्ताओं के सम्मान में 2 मिनट के मौन का भी आयोजन नहीं किया जा सका है।
ऐसी परिस्थिति में जिन अधिवक्ताओं का मेडिक्लेम और डेथ क्लेम का भुगतान लंबित है उनके परिवार जनों को भी तथा उन अधिवक्ताओं को भी गंभीर आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
इस परिस्थिति में यदि तदर्थ समिति लंबे समय तक रह गई तो किसी भी अधिवक्ता को आवश्यकता के समय ना तो उनका मेडिक्लेम का ही भुगतान किया जा सकेगा और ना ही उनके पास बुक से ही उनके पैसे को दिया जा सकेगा।
बार काउंसिल ने चुनाव हेतु दो औबजर्वर की नियुक्ति पहले ही कर दी है उन ऑब्जर्वर्स द्वारा वर्तमान तदर्थ समिति को जल्द चुनाव हेतु एवं वोटर लिस्ट बार काउंसिल को भेजने हेतु कई बार अनुरोध पत्र भी भेजा जा चुका है परंतु इस दिशा में कोई सार्थक कदम अभी तक नहीं उठाया गया है और न ही वर्तमान तदर्थ समिति ने इलेक्शन कमिटी का नाम तय कर बार काउंसिल को भेजा है।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर आने से पूर्व रांची जिला बार एसोसिएशन का चुनाव संपन्न हो जाना चाहिए ताकि जो भी कमेटी चुनकर आए अधिवक्ता कल्याण की दिशा में उपरोक्त समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर सके। अन्यथा विषम परिस्थिति उत्पन्न होने पर अधिवक्ता अपना पैसा बार में पड़े रहने के बावजूद पाई पाई को मोहताज हो जाएंगे क्योंकि वर्तमान तदर्थ समिति ने किसी प्रकार की कल्याण राशि के चेक का भुगतान नहीं करने का स्वयं निर्णय ले लिया है, जो की दुर्भाग्यपूर्ण है। इसलिए बार-हीत में चुनाव जल्द कराना आवश्यक है ताकि मेडिक्लेम ,डेथ क्लेम और पासबुक की राशि अधिवक्ताओं को निर्बाध रूप से मिल सके। 17/8/21से फिजीकल कोर्ट भी शुरू हो चुका है इसलिए चुनाव की प्रक्रिया जल्द संपन्न कराने की मैं वर्तमान तदर्थ समिति से मांग करता हूं।
रतीश रौशन उपाध्याय

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