नागरमल मोदी सेवा सदन तोड़ने का आदेश
अव्यावहारिक : उपेंद्र कुमार
रांची। राजधानी के हरमू निवासी व्यवसायी व सामाजिक कार्यकर्ता उपेंद्र कुमार ने रांची नगर निगम द्वारा शहर के ख्यातिप्राप्त चिकित्सा संस्थान नागरमल मोदी सेवा सदन को तोड़ने के आदेश को अव्यावहारिक बताया है। उन्होंने कहा है कि विगत पांच दशकों से भी अधिक समय से नागरमल मोदी सेवा सदन आम जनता को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराता रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं देने में नागरमल मोदी सेवा सदन की एक विशिष्ट पहचान रही है। खासकर गरीब मरीजों के इलाज में नागरमल मोदी सेवा सदन मसीहा के रूप में सेवारत है। उपेन्द्र ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले में अविलंब हस्तक्षेप करें और नगर निगम के इस तुगलकी फरमान को वापस लेने का निर्देश दें। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने काफी उम्मीदों के साथ हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि नागरमल मोदी सेवा सदन पिछले 60 वर्षों से गरीबों के इलाज में लगा है। यह अस्पताल कम से कम पैसों में गरीबों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराता रहा है। रांची के अलावा आसपास के जिलों के कम आय वर्ग वाले लोग भी यहां इलाज कराने पहुंचते हैं। यहां कम खर्च में उनका समुचित इलाज हो पाता है।
उपेंद्र कुमार ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल के दौरान नागरमल मोदी सेवा सदन अस्पताल के चिकित्सकों व पारा मेडिकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज किया। अस्पताल के बंद होने से बड़ी संख्या में गरीब लोग प्रभावित होंगे। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री से अविलंब हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि वर्षों पुराना यह गरिमामय चिकित्सा संस्थान पूर्व की भांति निर्बाध रूप से आम जनता व गरीबों की सेवा करता रहे।

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