भाई बहन का त्यौहार भाई दूज

भाई बहन का त्यौहार भाई दूज



आई पुरानी याद बहन भाई की रक्षा की खातिर आगे आई ।

अपनी बलि देकर भी बहन ने भाई की कैसे जान बचाई ‌‌।।


आया संकट भाई पर भारी हुईं दुश्वारी जिन्दगी पर बड़ी भारी ।

बहन को पता चला तो करने लगी दुश्वारी से फिर लड़ने की तैयारी।।


लड़ने लगे दोनों मिलकर मगर दुश्मन था कुछ थोड़ा सा भारी ।

भाई लड़ रहा था अनजाने दुश्मन से बहन ने ताकत लगा दी सारी।।


घायल हुए देख भाई को बहन ने फिर संभाली वह जीवन की पारी।

कुटिल चालों में फंसकर दुश्मन की बहन को हुई बड़ी लाचारी ।।


समय के चक्रव्यूह में फंसकर जीवन भी लगने लगा तब भारी।

लेकिन बहन ने भाई की खातिर जिन्दगी से जंग रखी जारी ।।


बहन ने अपने त्याग के बल कारण भाई की मृत्यु भी टारी ।

मगर लड़ते लड़ते बहन खुद अपनी जिंदगी की जंग वह हारी।


भाई बहन का पवित्र सम्बन्ध भारतीय संस्कृति में माना जाता है

भाई दूज और रक्षा वंधन पर जैसे और भी प्रगाढ़ हो जाता है ।।


सगी बहनें ही नहीं और भी बहन बेटियां होती है हर जीवन में ।

माता बहने और बेटियां ही तो हर श्रंगार होती है हर जीवन में ।।


नवरात्र में हम पूजा करते फिर देखें स्त्री को निकृष्ट भाव से ।

फिर कैसे हम इंसान हैं जब नहीं देख सकते हम संस्कृति भाव से।


हम भारत के रहने वाले पशु पक्षी वृक्षों को देव समान पूजा करते ।

नदियों सागरों और तालाबों को भी संस्कृति का हिस्सा बनाते ।।


स्त्री का हम सम्मान करें और आगे बढ़ने को प्रोत्साहित करें ।

यही हो जीवन शैली हमारी हम माता बहन बेटियों का सम्मान करें

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