भूख से मरने वालों के प्रति
केंद्र सरकार संवेदनशील नहीं
दिखती : सुप्रीम कोर्ट
भूख से मरने वालों की संख्या में लगातार
वृद्धि हो रही है और केंद्र सरकार
कुंभकरण की नींद सोई हुई है
देश में भूख से मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रहा है और केंद्र सरकार गैर जिम्मेदार बनी हुई है सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना के पीठ इस मामले की सुनवाई लगातार कर रही है सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के 17 पन्ने की हलफनामे पर घोर नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के महाधिवक्ता को जमकर फटकार लगाई और यह कहां कि आप के हलफनामे में भूख से मरने वालों की बचाव के लिए कोई योजना दिखाई नहीं दे रही है। न्यायालय ने अपने द्वारा दिए गए बार-बार के आदेशों का उल्लेख करते हुए यह कहा कि केंद्र सरकार सामूहिक रसोई योजना जल्द से जल्द लागू करें ।
दुनिया में 24 हजार लोग प्रतिदिन भूख से मरते हैं जिसमें एक तिहाई यानी कि 18 हजार लोग सिर्फ भारत में मरते हैं ,भारत में 82 करोड़ लोगों को एक वक्त का भोजन भी नसीब नहीं हो रहा है, अंतरराष्ट्रीय भूख सूचकांक में भारत केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद लगातार पिछड़ती जा रही है रोम में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 180 देशों ने भाग लिया था और यह संकल्प लिया था कि 2015 तक भूख से मरने वालों को संख्या सुन्य हो जाएगा लेकिन 2015 बीत जाने के बाद भी भुखमरी बढ़ती जा रही है , अब भारत सहित अन्य देश ने भुखमरी पर रोक लगाने के लिए 2030 तक का समय निर्धारित किया है , 3000 बच्चे प्रतिदिन भारत में भूख से मर रहे हैं भारत में केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 23 करोड़ 58 लाख राशन कार्ड थे जिसमें से 20 करोड़ लोगों का ही राशन कार्ड आधार से लिंक हो पाया , आधार से लिंक नहीं हो पाने के कारण 3 करोड़ 58 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए , जिनका राशन कार्ड है अभी बहुत सारे लोगों का बायोमेट्रिक मिलान नहीं होने के कारण राशन बंद हो गया है लिंक नहीं मिलने के कारण करोड़ों लोग भी राशन से वंचित हो जा रहे हैं .
2014 में भारत अंतर्राष्ट्रीय भूख सूचकांक में 55 वें स्थान पर था 2015 में 80 स्थान पर 2016 में 97 वे स्थान पर 2017 में 100 स्थान पर 2018 में 103 वे स्थान पर 2019 में 102 वे स्थान पर 2020 में 107 वां स्थान पर 2021 में 101 वें स्थान पर भारत पहुंच गया है , देश में 58 हजार करोड रुपए का अनाज भंडारण के कमी के कारण बर्बाद हो जाता है , देश में 19 करोड़ लोग रोजाना भूखे पेट सोते हैं , नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार देश में 45% लोगों ने खाने के लिए कर्ज लिया 66% लोग कम खा कर गुजर-बसर कर रहे हैं , भारत में लोगों के लिए कम से कम प्रति व्यक्ति भोजन के लिए कम से कम 270 ग्राम अनाज 350 ग्राम हरी सब्जी 300 ग्राम दूध या दही 90 ग्राम दाल या अंडे 20 ग्राम ड्राई फूड 27 ग्राम तेल या घी होना चाहिए एक व्यक्ति को पुष्ट रहने के लिए प्रतिदिन 2000 कैलोरी का भोजन आवश्यक बताया गया है , एक व्यक्ति को एक वक्त का थाली कम से कम ₹45 का कीमत होता है अगर दो वक्त ही खाना खाया जाए तो यह ₹90 प्रति दिन हो जाता है जबकि भारत सरकार ने ₹35 प्रतिदिन खर्च करने वाले व्यक्ति को गरीबी रेखा से ऊपर मानक तय किया है, खाद्य पदार्थ में मिलने वाले कैलोरी जो निर्धारित किया गया है उसके अनुसार एक रोटी में 80 पराठे में 150 250 ग्राम चावल में 170 ,100 ग्राम दाल में एक 100 , 250 ग्राम सब्जी में 170 , एक उबले हुए अंडे में 90 , 250 ग्राम कर्मफ्लेक्स में 220 , 250 ग्राम पोहा में 270 , दो इडली
में 150 , एक समोसे में 200 , एक कप चाय में 75, कोल्ड ड्रिंक 200 ग्राम में 150 , पिज्जा एक्सलाइफ में 200 , केसर हलवा 100 ग्राम में 320 कैलोरी होती है .
मनोहर कुमार यादव
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी पार्टी झारखंड.
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