विज्ञान प्रदर्शनी तथा बेस्ट
आउट ऑफ़ वेस्ट प्रतियोगिता
का हुआ आयोजन
लाला लाजपत राय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पुंदाग में विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि पंजाबी हिंदू बिरादरी सह विद्यालय के अध्यक्ष श्री सुधीर उग्गल जी, सम्मानित अतिथि श्री राजेश मेहरा जी ( महासचिव), श्री रवि पराशर जी (अवैतनिक सचिव) विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री शैलेंद्र कुमार जी, उप प्रधानाचार्य श्री प्रफुल्ल कुमार जी ने दीप प्रज्वलित कर विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। जिसमें छात्रों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में 10 नवीन मॉडल प्रदर्शित किए गए, जिन्हें वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान के लिए स्थिरता, अपशिष्ट प्रबंधन और प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करके डिज़ाइन किया गया था।
प्रधानाचार्य श्री शैलेंद्र कुमार के सक्षम मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों को अपने वैज्ञानिक अवधारणाओं और विचारों को कार्यशील मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए एक मंच प्रदान किया। शिक्षकों ने भी छात्रों का मार्गदर्शन और समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें श्रीमती अलका प्रसाद, सुश्री शिल्पा मल्ला, श्रीमती अनामिका मिश्रा, श्री सुमंत कुमार, श्री बी.बी. कुमार, श्रीमती मोनिका गुप्ता और श्रीमती अंजू कुमारी शामिल थीं।
प्रदर्शनी में प्रदर्शित कुछ प्रमुख मॉडल थे:
- मोहित (कक्षा 11 विज्ञान का छात्र) अपने ग्रुप के साथ मिलकर अपशिष्ट से बिजली कनवर्टर बनाया।
- अनीशा वर्मा (11 विज्ञान की छात्रा) अपने ग्रुप के साथ मिलकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य स्थितियाँ को प्रदर्शित किया।
- आलिया अपने ग्रुप के साथ जीरो वेस्ट सोसाइटी को प्रदर्शित किया।
- अर्पिता प्रिया अपने ग्रुप के साथ मिलकर खाद्य अपशिष्ट प्रबंधन को दिखाया।
- मोहम्मद अल्तमश आलम ने अपने ग्रुप के साथ मिलकर परिवहन और संचार को प्रदर्शित किया।
- अदिब और उसके ग्रुप ने जल सतह क्लीनर को दिखाया।
- अफिया के द्वारा थर्मल पावर प्लांट बनाया गया।
- रॉबिन गुप्ता और उसके ग्रुप के द्वारा स्मार्ट कृषि को प्रदर्शित किया गया।
- आर्यन चावरिया और उसके ग्रुप ने अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को प्रदर्शित किया।
- चाहत सिंह और उसके ग्रुप के द्वारा प्राकृतिक खेती को दिखाया गया।
प्रदर्शनी ने मॉडलों की व्यावहारिक प्रासंगिकता और पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण के लिए ध्यान आकर्षित किया। प्रधानाचार्य श्री शैलेंद्र कुमार ने छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और आज की शिक्षा में व्यावहारिक सीखने और पर्यावरण जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को समाज के सुधार के लिए विज्ञान और नवाचार का अन्वेषण जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि विज्ञान प्रदर्शनियाँ छात्रों में टीम वर्क, संचार समस्या-समाधान और प्रस्तुति कौशल जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित करने में मदद करती हैं।
प्रदर्शनी ने सभी के लिए एक समृद्ध अनुभव प्रदान किया गया और विद्यालय की शैक्षिक उत्कृष्टता और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत किया गया।
विज्ञान प्रदर्शनी के साथ-साथ जूनियर वर्ग के लिए बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य युवा शिक्षार्थियों में रचनात्मकता, पर्यावरण जागरूकता और रीसाइक्लिंग के महत्व को बढ़ावा देना था।
प्रे-नर्सरी से कक्षा 5 तक के छात्रों ने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया, अपशिष्ट सामग्री से तैयार किए गए कल्पनाशील और पर्यावरण-अनुकूल मॉडल प्रस्तुत किए। कुल 175 मॉडल प्रदर्शित किए गए, प्रत्येक छोटे प्रतिभागियों के कड़ी मेहनत और नवीन विचारों को दर्शाता है, जिन्हें प्राथमिक शाखा के सभी शिक्षकों के समर्पित प्रयासों द्वारा निर्देशित किया गया था।
विद्यालय परिसर जीवंत रंगों और अद्वितीय डिजाइनों के साथ जीवंत हो उठा, साधारण अपशिष्ट को असाधारण कला में बदल दिया। कुछ सर्वश्रेष्ठ मॉडल जिन्हें विशेष सराहना मिली, उनमें वृंदावन गार्डन, कछुआ, पक्षी घर, फूलदान, प्लांटर, दीवार पर लटकने वाले और शुतुरमुर्ग शामिल थे।
इन मॉडलों ने न केवल रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, बल्कि स्थिरता और पर्यावरण देखभाल का संदेश भी दिया। प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने छात्रों की उत्साह और भागीदारी की सराहना की और उन्हें सार्थक कारणों के लिए अपनी रचनात्मकता का उपयोग जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। प्राचार्य ने कहा कि क्राफ्ट प्रतियोगिता में भाग लेने से बच्चों को दूसरों के साथ बातचीत करने और सहयोग करने का अवसर मिलता है, जिससे उनके सामाजिक कौशल का विकास होता है। क्राफ्ट प्रतियोगिता बच्चों को अपनी कल्पना का उपयोग करके कुछ नया बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे उनकी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का विकास होता है।


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