कुरान से जुड़ाव ही कामयाबी की गारंटी: मौलाना रिजवान

कुरान से जुड़ाव ही कामयाबी 

की गारंटी: मौलाना रिजवान



रांची: पवित्र कुरान को हिफ़्ज़ करना और उसके अनुसार अपने जीवन को आकार देना ही सच्ची कामयाबी है। आज दुनिया में दौलत को ही सब कुछ समझा जाता है, लेकिन कुरान की दौलत और धार्मिक ज्ञान हर चीज़ पर भारी है। उक्त बातें रांची रंगसाज मस्जिद के खातिब हज़रत मौलाना रिज़वान दानिश नदवी ने कही। मौलाना रिज़वान दानिश ने पवित्र कुरान से रिश्ता बनाए रखने को दुनिया कि सबसे बड़ी कामयाबी बताया। जलसा तकमील हिफ्ज कुरान व तकरीब दुआ में 8 बच्चों ने कुरान हिफ़्ज़ किया। उनके सम्मान में उनके पिता को सम्मान के तौर पर पगड़ी बांधी गई। और हिफ़्ज़ करने वालों को इनाम दिए गए। मौलाना रिजवान दानिश ने मदरसे की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी पेश की। यह मदरसा 1958 में बना था और तब से दीनी तालीम और तरबियत दे रहा है। यहां हिफ्ज के साथ नदवा के हिसाब से मिशकात तक की पढ़ाई होती है। मौलाना इकराम-उल-हक ऐनी ने कहा कि हाफिज कुरान के रुतबे और हैसियत बहुत है। उन्होंने यह भी कहा कि जब हाफिज कुरान के माता-पिता के सिर पर ताज रखा जाता है, जिसकी वजह से माता-पिता को यह सम्मान मिलेगा, तो उस हाफिज का रुतबा किया होगा। मौलाना जिया-उर-रहमान नदवी ने कहा कि जो लोग या इंसान या देश, संस्थाएं कुरान से जोड़ते हैं, वे हमेशा तरक्की के शिखर पर पहुंचते हैं। वहीं जमीयत उलेमा झारखंड के जनरल सेक्रेटरी अल्हाज शाह उमैर ने कहा कि सभी मदरसों को जमीयत ओपन स्कूल और जमीयत स्टडी सेंटर से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि मदरसों के बच्चों को सर्टिफिकेट और आगे की पढ़ाई में कोई दिक्कत न हो। शाह उमैर ने मौलाना रिजवान नदवी की मेहनत की तारीफ की। वहीं रांची होपवेल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. शहबाज आलम ने शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि हमें यह ध्यान में रखकर काम करना चाहिए कि हम इस दुनिया में क्यों आए हैं। और जितना हो सके अपने किरदार को बेहतर बनाएं। मौलाना मुशर्रफ जमाल कासमी ने बच्चों के लिए एक नज़्म पढ़ी। और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। इस दौरान जेएमएम नेता जुनैद अनवर ने कहा कि आज लोग शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं और खासकर धार्मिक शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं। मौलाना सैयद अफ्फान कादरी ने कहा कि बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता और शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए उन्होंने अपने विचार रखे। मौलाना इकराम-उल-हक ऐनी की दुआ पर जलसा खत्म हुई। मौके पर मदरसे की मस्जिद का उद्घाटन जोहर की नमाज़ के साथ हुआ। साथ ही मदरसा में मौलाना रहमतुल्लाह लाइब्रेरी का उद्घाटन डॉ. शहबाज़ आलम डायरेक्टर होपवेल हॉस्पिटल, हाजी शाह उमैर जनरल सेक्रेटरी जमीयत उलेमा झारखंड और झामुमो नेता जुनैद अनवर और गणमान्य ने किया। मौके पर हाजी मुस्लिम रांची, हाजी कमाल रांची, मुहम्मद राशिद अशरफ रांची, मुहम्मद इरफान हैदर रांची, कारी मुहम्मद इरफान मस्जिद अली रांची, मुहम्मद तनवीर सदर अस्पताल रांची, मुहम्मद जावेद मून फार्मा रांची, मुहम्मद ताबिश अली रांची, डॉ. शम्स रजा उर्फ ​​राजा, मुहम्मद एहतेशाम, हाजी मुहम्मद तौफीक, मुहम्मद मुबारक, मुहम्मद फिरोज, मुहम्मद इरफान, हाजी महमूद, मुहम्मद तैयब और पत्रकार आदिल रशीद समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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