झारखंड कैबिनेट में 25 प्रस्तावों की मंजूरी
रांची : बुधवार को झारखंड कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पथ निर्माण विभाग की 20 परियोजनाओं के 1025.53 करोड़ रुपये और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 236.92 करोड़ रुपये नाबार्ड से ऋण लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में स्टांप नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गयी. इसके तहत स्टांप के लिए अब नेट बैंकिंग और डेबिट कार्ड के माध्यम से भी ई-चालान खरीद कर लोग संपत्ति का निबंधन करा सकेंगे. वहीं बैठक में महिलाओं की संपत्ति के लिए मुद्रांक व निबंधन शूल्क 1 रुपये मात्र टोकन लिये जाने के निर्णय को वापस लेने के प्रस्ताव को घटनोत्तर मंजूरी दे दी गयी.
कैबिनेट की बैठक में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गैर अच्छादित परिवारों को चावल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव और खुदरा शराब बिक्री नियमावली को लेकर कुछ प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की.
मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री के लिए दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली 2018 के नियम 2, 26 एवं 39 के संशोधन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
राज्य में कोविड-19 संक्रमण एवं संभावित महामारी को देखते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से अनाच्छादित पात्र परिवारों को माह अप्रैल एवं मई 2020 के लिए खाद्यान्न वितरण करने के लिए चावल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
पथ निर्माण विभाग द्वारा RIDF-XXV के तहत 20-पथ परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 102553.50 लाख रुपये के ऋण आहरण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा RIDF-XXV के तहत साथ ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 23692.93 लाख रुपए के ऋण आहरण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
झारखंड भवन नई दिल्ली में "स्थानिक आयुक्त के सचिव" पद को उप स्थानिक आयुक्त-सह- संपर्क पदाधिकारी" के रूप में पुर्ननामित करने की स्वीकृति दी गई.
झारखंड राज्य अंतर्गत कोर्ट फी के ई-स्टांपिंग के लिए मनोनयन के आधार पर "स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड" को वित्त नियमावली के नियम 245 के अधीन नियम 235 को शिथिल करते हुए प्राधिकृत किए जाने की की स्वीकृति दी गई.
महिलाओं को अचल संपत्ति के क्रय पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क में प्रदत्त छूट को वापस लिए जाने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
मुद्रांक शुल्क का भुगतान स्टांप के अतिरिक्त अन्य माध्यम से करने के लिए झारखण्ड स्टांप (संशोधन) नियमावली 2020 के गठन की स्वीकृति दी गई.
झारखंड मूल्यवर्धित कर अधिनियम 2005 के साथ संलग्न अनुसूची II PART E के अंतर्गत Aviation Turbine Fuel (ATF) पर देय कर (वैट) में संशोधन पर स्वीकृति दी गई.
झारखंड में वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं, रोजगारों पर कर अधिनियम, 2011 के साथ संलग्न अनुसूची में संशोधन पर स्वीकृति दी गई.
झारखंड मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005 के साथ संलग्न अनुसूची II Part E में संशोधन करते हुए डीजल एवं पेट्रोल के Basic Price (Dealer's price + Excise Duty) पर देय कर (वैट) में संशोधन पर स्वीकृति दी गई.
ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत दो वरिष्ठ प्रोग्रामर के पदों का दिनांक 11 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई.
ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के दो नवसृजित जिला न्यायालयों खूंटी एवं रामगढ़ के लिए सिस्टम ऑफिसर के क्रमशः 1 एवं 1 कुल 2 पदों के संविदा आधारित पदों के अस्थायी तौर पर एक वर्ष यथा दिनांक 1 अप्रैल 2020 से दिनांक 31 मार्च 2021 तक के लिए सृजन की स्वीकृति दी गई.
Jharkhand State Wide Area Network (JharNet) परियोजना का 5 वर्ष का कार्यकाल एवं विस्तारित 5 वर्ष एवं तीन माह की अतिरिक्त संचालन के उपरांत वित्तीय नियमावली 235 को शिथिल करते हुए 245 के आलोक में नॉमिनेशन के आधार पर वर्तमान के एकरारनामा, दर एवं शर्तों के अधीन वर्तमान सेवा प्रदाता M/s UTL को दिनांक 1 नवंबर 2019 से 30 अप्रैल 2020 (छ: महीना) अथवा झारनेट 2.0 के लिए निविदा द्वारा चयन नए ऑपरेटर के पूर्णता क्रियाशील होने तक, जो भी पहले हो के लिए, एवं TPA (Third party Auditing Agency, M /s wipro) को दिनांक 1 नवंबर 2019 से दिनांक 31 जुलाई 2020 (9 महीना) तक रुपए 1013.46 लाख के व्यय पर सेवा विस्तार करने की स्वीकृति दी गई.
झारखंड राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला संवर्ग (भर्ती एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली 2020 के गठन की स्वीकृति दी गई.
डॉ जावेद रेहान, चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कुड़ु, लोहरदगा को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई.
राज्य के 3 नए चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल यथा-दुमका, हजारीबाग एवं पलामू में कोविड-19 की जांच के लिए विशेष प्रयोगशाला स्थापित करने हेतु वित्तीय नियमावली के नियम 235 के प्रावधानों को शिथिल करते हुए एवं नियम 245 के तहत प्रेझा फाउंडेशन को कार्य हित में मनोनयन तथा तत्संबंधित फाउंडेशन एवं झारखंड स्टेट मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्युरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, नामकुम रांची के साथ किए जाने वाले MoU के लिए MoU प्रारूप पर घट्नोत्तर स्वीकृति दी गई.
मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग तथा झारखंड भवन नई दिल्ली के लिए प्रोटोकॉल संबंधी पदों का सृजन करने की स्वीकृति दी गई.
नोबेल कोरोनावायरस से जनित महामारी के फलस्वरूप राज्य से बाहर फंसे प्रवासी श्रमिकों, यात्रियों, पर्यटकों, छात्रों एवं अन्य व्यक्तियों को सुरक्षित आवागमन एवं आरोग्यकर गृहावासन करने के निमित्त झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से कुल 20 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि की निकासी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
मनरेगा योजनाओं को बेहतर रूप से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से Bharat Rural Livelihood Faundation (BRLF) एवं ग्रामीण विकास विभाग के मध्य MoU किए जाने की स्वीकृति दी गई.
झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड रांची को स्थापना व्यय प्रशासनिक व्यय एवं अन्य मदों के व्यय के लिए प्रदेय Agency Charge/Operational Grant में प्रतिस्थापित करने की स्वीकृति दी गई.
झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार (कृत्य एवं प्रबंधन) नियमावली 2020 की स्वीकृति दी गई.
राज्य अंतर्गत स्थानीय नगर निकायों में आम निर्वाचन स्थगित होने के कारण प्रशासक की नियुक्ति की स्वीकृति दी गई.
Jharkhand Mineral Bearing Land (Covid-19 Pandemic) Cess Ordinance, 2020 का अध्यादेश लाने की स्वीकृति दी गई
भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-41, 42 एवं 76 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड राज्य में वनोपज के अभिवहन को विनियमित करने के लिए वर्ष 2004 में अधिसूचित झारखंड काष्ठ एवं वन उत्पाद (अभिवहन का विनियमन) नियमावली, 2004 को निरस्त करते हुए वनोपज के अभिवहन के विनियमन करने के लिए झारखण्ड वनोपज (अभिवहन का विनियमन) नियमावली, 2020 की स्वीकृति दी गई.
राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा आज दिनांक 17 जून 2020 को आहूत मंत्रिपरिषद की बैठक में दिनांक 12 जून 2003 से 9 दिसंबर 2004 तक झारखंड राज्य के राज्यपाल रहे, वेद प्रकाश मारवाह के दिनांक 5 जून 2020 को हुए निधन पर गहरी संवेदना एवं दु:ख प्रकट किया गया तथा देश के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया गया. स्वर्गीय वेद प्रकाश मारवाह के द्वारा राज्य के विकास हेतु किए गए उल्लेखनीय कार्यों का स्मरण करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी तथा संपूर्ण झारखंड राज्य की ओर से इस दु:खद वेदना को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गयी.

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