कायस्थ महासभा की तरह सभी जाति-धर्म से
ऊपर उठें : संजीव विजयवर्गीय
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में किसी मरीज की चिकित्सा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास है: मनोज कुमार गुप्ता
आज करोना के समय सबसे जरूरी यह है कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता की विकास पर ध्यान दिया जाए: डाॅ. प्रणब कुमार बब्बू
रांची. अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, झारखण्ड प्रदेश द्वारा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिये आज मोरहाबादी में टैगोर हिल रोड, और बोड़ेया रोड स्थित चिरौदी बस्ती में दवा का वितरण किया गया.
राजधानी के बोड़ेया रोड स्थित चिरौदी बस्ती में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए रांची के उप महापौर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि कोई भी विकट परिस्थिति संकट में जीवन जीना और उसी के अनुरूप अपनी जीवन पद्धति को आदर्श स्वरुप में ढालना सिखाती है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के इस विकट काल में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने यह प्रमाणित किया है कि जाति-धर्म की सीमा से उठकर सभी के लिये समर्पित होकर जनहित में काम करना ही किसी भी सामाजिक संगठन का दायित्व है. कार्यक्रम में आम लोगों के मध्य होम्योपैथिक औषधि आर्सेनिक एल्बम 30 दवा का वितरण करते हुए श्री विजयवर्गीय ने कहा कि सभी को एबीकेएम की तरह जाति, धर्म, समुदाय, भाषा आदि की सीमा से ऊपर उठकर काम करना चाहिये.
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में गीतांजलि क्लब दुर्गा पूजा समिति, मोरहाबादी के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में किसी मरीज़ की चिकित्सा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास है और इस मामले में कायस्थ महासभा की भूमिका बहुत अधिक प्रासंगिक है.
इस अवसर पर बोलते हुए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.प्रणव कुमार बब्बू ने कहा कि आज कोरोना के समय सबसे जरूरी यह है कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास पर अपना ध्यान दिया जाये क्योंकि इस वायरस से बचाव की सटीक दवा या वैक्सिन अबतक उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि कोवीड के कारण संकट के समय अपनी क्षमता का पूरा उपयोग कर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर पूरे समाज के लिये काम किया क्योंकि हमारी परिभाषा में दर्द, तकलीफ, परेशानी आदि की कोई भाषा नहीं होती.
महासभा के निर्णयानुसार कोरोना से सुरक्षा के लिये सभी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिये पूरे झारखण्ड में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा अनुशंसित होम्योपैथिक औषधि "आर्सेनिक एल्बम 30" दवा का वितरण पाँच लाख लोगों के मध्य किया जा रहा है और इसी के तहत आज मोरहाबादी में टैगोर हिल रोड और बोड़ेया रोड स्थित चिरौदी बस्ती में गीतांजलि बैंक्वेट हॉल के सामने दवा का वितरण किया गया और 1680 लोगों को दवा दिया गया जिससे 8400 लोगों को सीधा फायदा होगा. आयोजित शिविरों की कड़ियों में यह 54वां और 55वां शिविर था. डॉ.बब्बू ने कहा कि निशुल्क दवा का वितरण निरंतर जारी रहेगा क्योंकि किसी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता के उन्नयन के लिये इस दवा को बेहद प्रभावी माना गया है. अवि होमियो हाल एवं झारखण्ड होमियोपैथी एसोसिएशन के डॉ.राजीव कुमार और मन्नत होमियो हाल के राजेश कुमार के सहयोग से आयोजित आज के इस कार्यक्रम में गीतांजलि दुर्गा पूजा समिति, मोरहाबादी का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने शरीर की प्रतिरोध क्षमता के उन्नयन के लिये आर्सेनिक 30 एल्बम की अनुशंसा की है.
आज आयोजित कार्यक्रम मनोज कुमार गुप्ता, विनोद गोप, मुरारी नारायण, अभय तिवारी, संजय सोनी सहित अनेक लोग विशेष रूप से उपस्थित थे.
कार्यक्रम को सफल बनाने में विजय दत्त पिन्टू, जयदीप सहाय, आलोक परमार, राकेश रंजन बब्लू, संजय शौर्य, विजय कुमार, सूर्य विकास मिंज, सहित एबीकेएम के अन्य पदाधिकारियों एवं महापरिवार सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.उक्त आश्य की एक प्रेस विज्ञप्ति सूरज कुमार सिन्हा प्रदेश प्रवक्ता, अखिल भारतीय कायस्थ महा सभा ने दी है



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