कोरोना से निपटने में अपनी प्रबंधन क्षमता और मानवीयता का परिचय दें माननीय मुख्यमंत्री : डॉ.प्रणव कुमार बब्बू
डाॅ०प्रणव कुमार बब्बू झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा एवं अधिवक्ता सिविल कोर्ट तथा समाज सेवी व भाजपा नेता, रांची,झारखंड।
रांची. समाजसेवी, अधिवक्ता, भाजपा नेता और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के झारखण्ड प्रदेश अध्यक्ष डॉ.प्रणव कुमार बब्बू ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना का कहर अपने चरम की ओर निरंतर बढ़ता जा रहा है और यह गंभीर चिंता की बात है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि वे कोरोना से निपटने में अपनी पूरी प्रबंधन क्षमता, मानवीयता एवं संवेदनशीलता का परिचय दें और झारखण्ड के सभी लोगों की ना केवल पूरी सुरक्षा बल्कि सहायता भी करें.
डॉ.बब्बू ने कहा कि झारखण्ड अपनी प्रकृति, संवेदनशीलता और गंभीरता के लिये पहचाना जाता है लेकिन कोरोना काल में जैसे-जैसे बीमारी की भयावहता बढ़ती जा रही है उसी के अनुरूप सरकारी अधिकारियों और अस्पतालों के आम लोगों की अपेक्षा के अनुकूल खड़ा उतारने की चुनौती बढ़ गयी है. डॉ.बब्बू ने कहा कि ना केवल अस्पताल में इलाज या कोविड टेस्ट के दौरान संभावित या निश्चित मरीज़ बल्कि आम लोगों को भी परेशानियों से निजात दिलाने की जरूरत है. मुख्यमंत्री श्री सोरेन से इस ओर अविलम्ब ध्यान देने की माँग करते हुए उन्होंने कहा कि विशेष रूप से जिन लोगों का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया है और जो चिकित्सारत हैं या अस्पताल में भर्ती होने के लिये प्रयासरत हैं उनके परिवार के सदस्यों के सामने मुसीबतों का पहाड़ है क्योंकि टेस्ट के लिये उनका सैम्पल लेने देरी होने से कोरोना संक्रमण के और भी गंभीर होने का खतरा है.
डॉ.बब्बू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, टीम इंडिया के रूप में कोरोना का मुकाबला करना चाहते हैं और समय की माँग भी वही है. डॉ.बब्बू ने राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ ही सभी सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य संगठनों से अपील की कि सभी किसी भी मतभेद से ऊपर उठकर कोरोना से मुकाबला करने में हेमंत सरकार की भरपूर सहायता करें. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और त्वरित निर्णय लेकर अस्थायी रूप से चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति की भी जरूरत है.
डॉ.बब्बू ने कहा कि झारखण्ड में सभी चिकित्सक, नर्सेज, अन्य चिकित्सा कर्मी, मीडिया कर्मी, पुलिस अधिकारी व जवान, सफाई कर्मी तथा अन्य कोरोना वारियर्स अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं लेकिन जिस प्रकार मरीज़ों की संख्या निरंतर बढ़ रही है उसके कारण और भी अधिक तन्मयता के साथ लगने की आवश्यकता आन पड़ी है साथ ही अब मुख्यमंत्री, सम्बद्ध मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों आदि की भूमिका बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि अभी राज्य में अनेक कोविड मरीज़ घर में कोरेनटीन हैं लेकिन तकलीफ की बात यह भी है कि अनेक मरीज़ों के परिजनों का कोविड टेस्ट अबतक नहीं हुआ. इस सन्दर्भ में उन्होंने रातू रोड के शिवपुर में होम कोरेनटीन में अपनी चिकित्सा करा रहे एक मरीज़ पर ध्यान देने की अपील की.
डॉ.बब्बू ने कहा कि जिस प्रकार राजधानी रांची में विशेष रूप से मरीज़ों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई और यहाँ अस्पताल के बेड भर चुके हैं उसे देखते हुए राजधानी या राज्य के निजी अस्पतालों, स्टेडियम, खेल मैदान, उपलब्ध भवनों के साथ ही जरूरत हो तो टेंट लगाकर उसे युद्ध स्तर पर अस्पताल के रूप में परिणत कर वहाँ चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिये और ऑक्सीजन, वेंटीलेटर व अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिये.उक्त आश्य की प्रेस विज्ञप्ति प्रवक्ता सूरज कुमार सिन्हा अखिल भारतीय कायस्थ महा सभा झारखंड प्रदेश ने जारी किया है।


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