वो मेरे भाई है
अपनी नजरें दिखा कर वो मेरी आवाज दबा देता है।
पर कोई नजर उठा के देखे तो उसकी नजर निकाल लेता है।
गलती खुद करके इल्ज़ाम मुझ पर लगा देता है।
कोई और उंगली उठा दे तो सामने मेरे खड़ा होता है।
बहुत नालायक है सीधे मुंह बात तक नहीं करता है।
लेकिन कोई और करे मुझसे बदतमीजी ये बरदाश भी नहीं करता है।
वो मेरा भाई है जनाब मुझसे प्यार तो बहुत करता है पर बयान नहीं करता है।
लाख कोशिश करती हूं अपनी तकलीफ छुपाने को ।
पर बिना बोले ही ना जाने कैसे वो जान लेता है।
बहुत मुश्किल है उससे झूठ बोलना मेरा ।
हर झूठ के पीछे का वो सच जान लेता है।
चांद तारे तोड़ के लाने कि बाते नहीं करता है।
क्युकी मुझे ही वो चांद मानता है।
जमाने कि हर ताकत से भिड़ने का दम रखता है।
यदि बात मेरे मान- सम्मान कि होती है।
वो मेरा भाई है जनाब मुझसे प्यार तो बहुत करता है पर बया नहीं करता है
मानती हूं पिता रखते परियों की तरह बेटी को।
पर भाई की लिए तो उसकी बहन परियों की रानी होती है।
कही जमाने कि गन्दी नजर ना पड़ जाए मुझ पर इसलिए वो मुझको छुपा कर रखता है
वो मेरा भाई है जनाब मुझसे प्यार तो बहुत करता है पर बया नहीं करता है।
अंकिता राय
संपादक पी एम ए न्यूज़ एजेंसी
ankitarai277502@gmail.com

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