स्थानीय फ़ल, सब्जियों का उत्पादन, प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन विषय पर टाटीझरिया प्रखंड के प्रवासियों को मिला प्रशिक्षण

स्थानीय फ़ल, सब्जियों का उत्पादन, प्रसंस्करण 

व मूल्य संवर्धन विषय पर टाटीझरिया प्रखंड के 

प्रवासियों को मिला प्रशिक्षण


    होली क्रॉस कृषि विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र हजारीबाग में टाटीझरिया प्रखंड के 39 से अधिक प्रवासियों को स्थानीय फल व सब्जियों के उत्पादन, प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। 
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत लॉकडाउन अवधि में विभिन्न महानगरों एवं देश के विभिन्न प्रदेशों से आए प्रवासियों को प्रशिक्षित कर अपने गांव में रोजगार प्रदान कर आत्मनिर्भर करने के उद्देश्य से होली क्रॉस कृषि विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में टाटीझरिया प्रखंड के प्रवासी लोगों को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत तीन दिवसीय ट्रेनिंग देकर प्रशिक्षित की गई। 
प्रशिक्षण के दौरान संस्थान की निर्देशिका सिस्टर संगीता ने प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत कर आय के साधन बढ़ाने में स्थानीय फल व सब्जियों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गृह विज्ञान वैज्ञानिक सिस्टर अमला बड़ा ने कहा स्थानीय फल व सब्जी आसानी से पैदा किए जा सकते हैं इनमें पोस्टिक तत्व की प्रचुरता के कारण स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है रोजगार के नए अवसर के रूप में फल व सब्जियों की खेती को अपनाने की सलाह उन्होंने दी उद्यान वैज्ञानिक डॉ प्रशांत वर्मा ने स्थानीय मौसम अनुकूल फल सब्जियों के उत्पादन उसके मूल्य संवर्धन की जानकारी देते हुए आलू प्याज टमाटर के भंडारण प्रसंस्करण की चर्चा करते हुए फल व सब्जियों के किस्मों की विस्तार से जानकारी दी जिला उद्यान पदाधिकारी डॉ रवि शंकर ने फल फूल मसाले की खेती से के प्रसंस्करण मूल्य संवर्धन के उपायों सहित मार्केटिंग के अवसरों के बारे में विस्तार से बताया इस दौरान पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ पुष्पेंद्र धाकड़ ने फलो, सब्जियों आदि में लगने वाले कीटों बीमारियों आदि की रोकथाम तथा जैविक कीटनाशक दवाओं के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला, साथ ही मशरूम खेती को आय का साधन बनाने पर बल डाला। मृदा वैज्ञानिक डॉ मनोज सिंह ने मिट्टी जाँच के महत्व को बताया साथ ही मिट्टी में पोषक तत्त्व का उपचार कर मुनाफा कमाने के तरीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण सत्र के समापन कार्यक्रम के अवसर पर संस्थान के वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष होली क्रॉस डॉ आरके सिंह ने प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों को व्यवसाय के रूप में स्थानीय फल, सब्जियों का उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्यसंवर्धन कर आत्मनिर्भर बनने की सलाह देते हुए कहा सरकार की योजनाओं से जोड़कर सभी प्रशिक्षणार्थियों को यूनिट देने व बाज़ार दिलाने का काम जिला प्रशासन के सहयोग से कराया जाएगा। साथ की वरिष्ठ वैज्ञानिक ने प्रशिक्षणार्थियों को उज्जवल व बेहतर भविष्य की कामना की समापन सत्र के अंतिम दिन प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया गया।

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