झारखंड आंदोलनकारियों के मान -सम्मान को लेकर 28 अक्टूबर को मानव श्रृंखला

 

झारखंड आंदोलनकारियों के मान

 -सम्मान को लेकर 28 अक्टूबर

 को मानव श्रृंखला



    झारखंड आंदोलनकारियों के मान सम्मान स्वाभिमान अस्तित्व व पहचान को लेकर 28 अक्टूबर 2020 को मोराबादी मैदान रांची में धरना / मानव श्रृंखला कार्यक्रम का आयोजन किया गया है इस कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की गई है।
इस कार्यक्रम में राज्य के प्रत्येक जिले से झारखंड आंदोलनकारी गन प्रतिनिधि के रूप में भाग लेंगे।
इस कार्यक्रम में भाग लेने हेतु माननीय पूर्व केंद्रीय गिरी राज्यमंत्री सुबोध कांत सहाय ने अपनी सहमति व्यक्त की है।
हम झारखंड आंदोलनकारी अपने मान सम्मान स्वाभिमान अस्तित्व व पहचान की मांग भारतीय संविधान की धारा 31 के तहत रक्षा करने की मांग कर रहे हैं हमारे झारखंडी पहचान झारखंड राज्य के अंदर सुनिश्चित होना चाहिए। झारखंड के अंदर हमारी माय -माटी व इज्जत की रक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
राज्य सरकार का संकल्प है उसका अक्षर से पालन हो एवं इसका प्रत्यक्ष लाभ झारखंड आंदोलनकारियों को मिलना चाहिए जो वर्तमान समय में नहीं मिल पा रहा है।
आज दुमका विधानसभा उपचुनाव में माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा झारखंड आंदोलनकारियों के मान सम्मान व पहचान की बातें कर रहे हैं विपक्ष के द्वारा भी झारखंड आंदोलनकारियों के हितार्थ वकालत की जा रही है यह स्वागत योग्य है हम इसकी प्रशंसा करते हैं चुकी झारखंड में अब राज्य करना है चुनाव जीतना है तो झारखंड आंदोलनकारियों के हितार्थ आपको बात करना ही होगा। इस झारखंड आंदोलनकारियों के बिना इस राज्य में राजनीति करना असंभव है । आज गांव गांव झारखंड आंदोलनकारी अपने मान सम्मान व पहचान की बात दोहराने लगे हैं।विडंबना की बात है की जयपाल सिंह मुंडा से लेकर बिनोद बिहारी महतो निर्मल महतो बीपी केशरी, डॉ रामदयाल मुंडा , सीपी तिर्की ,रीतलाल प्रसाद वर्मा ,पूर्व रामटहल चौधरी सहित अनेका अनेक आंदोलनकारी आज उपेक्षित है जिनकी पहचान इस राज्य में नहीं हो पाना दुर्भाग्य है ढिशुम गुरु शिबू सोरेन की भी पहचान झारखंड आंदोलनकारी के रूप में सरकार द्वारा नहीं किया जाना विडंबना की बात है आज शिबू सोरेन संपूर्ण झारखंड अलग राज्य की लड़ाई लड़े लेकिन पहचान नहीं मिली है इसलिए संपूर्ण झारखंड आंदोलनकारी शिबू सोरेन के मान सम्मान स्वाभिमान एवं पहचान की लड़ाई लड़ रहे हैं उन्हें भी 15 नवंबर 2020 को सम्मानित सरकार द्वारा किया जाना चाहिए।
हम प्रेस वार्ता के जरिए कहना चाहेंगे कि झारखंडी मूल्यों की रक्षा हो हमारी परंपरा,हमारी पहचान, हमारे धरोहर एवं हमारा अस्तित्व के साथ खिलवाड़ ना किया जाए।
झारखंड आंदोलनकारियों का आक्रोश अभी फूटा नहीं है। फूटेगा तो ज्वालामुखी की तरह फट जाएगा । इसका प्रदर्शन भी इसी मोराबादी मैदान में होगा ।क्योंकि अभी झारखंड में हूल व उलगुलान का अंत नहीं हुआ है, नहीं हुआ है।
15 नवंबर 2020 को राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर झारखंड आंदोलनकारियों द्वारा प्रत्येक जिले में महापुरुषों के प्रतिमा के समक्ष उपवास का कार्यक्रम किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो, वित्त प्रभारी अध्यक्ष आजम अहमद, डॉक्टर प्रणव कुमार बब्बू ,झारखंड आंदोलनकारी गब्रियल खाखा व प्रवक्ता पुष्कर महतो।

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