झारखण्ड के सच्चे हितैषी थे न्यायमूर्ति विक्रमादित्य प्रसाद : डॉ.प्रणव कुमार बब्बू

झारखण्ड के सच्चे हितैषी थे न्यायमूर्ति 

विक्रमादित्य प्रसाद : डॉ.प्रणव कुमार बब्बू

न्यायमूर्ति विक्रमादित्य प्रसाद

  रांची. न्यायमूर्ति विक्रमादित्य प्रसाद वास्तव में सही अर्थों में झारखण्ड के सच्चे हितैषी थे और उन्होंने वैसे सशक्त झारखण्ड की संकल्पना की थी जहाँ अलग वनांचल व झारखण्ड राज्य के आंदोलन में सक्रियता के साथ भाग लेनेवाले लोगों को उनका अधिकार व सम्मानजनक जीवन देने के साथ ही उनके हृदय में झारखण्ड के सभी लोगों के प्रति सच्ची सद्भावना थी. श्री प्रसाद सभी का हित चाहते थे.
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता डॉ.प्रणव कुमार बब्बू ने झारखण्ड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और झारखण्ड वनांचल आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग के अध्यक्ष 
माननीय न्यायमूर्ति श्री विक्रमादित्य प्रसाद के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि, श्री प्रसाद को पूरा झारखण्ड हमेशा याद रखेगा और वह अजर अमर हैं.
श्री प्रसाद के सद्भावपूर्ण व्यवहार और सभी के प्रति हितचिंतन की सराहना करते हुए डॉ.बब्बू ने कहा कि, न केवल न्याय क्षेत्र में बल्कि समाजहित, साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उन्होंने बेहद सक्रियता के साथ अपना योगदान दिया. साहित्य में भी उन्होंने अपनी सक्रियता बनाये रखी और धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा पर उनकी कृति बिरसा काव्यांजलि, झारखण्ड के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है.
डॉ.बब्बू ने कहा कि जब भी श्री प्रसाद से मिलने का अवसर मिला तो उन्होंने केवल और केवल प्रोत्साहन दिया और जनहित तथा देश की न्याय व्यवस्था के हित में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने की प्रेरणा दी.

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