एक बार फिर पुलिस की गुंडागर्दी
ने उठाया वर्दी पर सवाल
विषेस संवाददाता अब्दुल रहीम
लखनऊ। पुलिस हमारे रक्षा के लिए होती है मगर आज अगर किसी चौराहे पर पुलिस खड़ी है तो उसको देखकर आम आदमी सहम सा जाता है ऐसा क्यों? जहां हमारे संविधान में हमको पूरी आजादी और हर इंसान को जीने का अधिकार दिया वही आज भी समाज में ऐसी घटनाएं देखने को मिलती है। ऐसा ही कुछ मामला लखनऊ चरक चौराह मेडिकल कॉलेज का है जहां पर चौकी प्रभारी संजय गुप्ता ने एक गरीब रिक्शा चालक जिसका नाम सुफियान बताया जा रहा है उस को बेरहमी से पीटा और कई घंटों उसको बंद रखा है। उसका कसूर क्या था यही कि वह सवारी उतार रहा था या गरीब था। यह सवाल न्यायपालिका पर खड़ा होता है कि आखिर कब तक ऐसे भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर समाज को गंदा करते रहेंगे और सबसे बड़े अफसोस की बात है। पुलिस के आला अधिकारी जान कर भी अंजान हो जाते हैं।
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