केंद्रीय सरना समिति के तत्वावधान में कोकर स्थित समाधि स्थल पर भगवान बिरसा मुंडा के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित अर धरती अबा की जयंती मनायी गई

केंद्रीय सरना समिति के तत्वावधान में कोकर

 स्थित समाधि स्थल पर भगवान बिरसा मुंडा के

 प्रति श्रद्धासुमन अर्पित अर धरती अबा की 

जयंती मनायी गई












आज दिनांक 15 नवंबर 2021 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के शुभ अवसर पर केंद्रीय सरना समिति के *अध्यक्ष श्री बबलू मुंडा के नेतृत्व में सामुदायिक भवन सरना टोली, हातमा - राँची स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा में माल्यार्पण एवं कोकर स्थित समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाया गया।इस अवसर पर केंद्रीय सरना समिति के मुख्य पाहन श्री जगलाल पाहन ने अपने उद्बोधन में संपूर्ण भारत के आदिवासियों को आह्वान किया कि भगवान बिरसा की जिंदगी से प्रेरित होकर समाज हित में कार्य कर समाज को बुलंदियों तक पहुंचाने का कार्य आवश्यक रूप से करें , और समाज की धूमिल होती प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करने हेतु आवश्यक कदम उठाने में कोई कोताही ना बरतें । केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष श्री बबलू मुंडा ने कहा की मुझे गर्व है कि मैं मुंडा परिवार में जन्म लिया हूं। भगवान बिरसा मुंडा के बताए रास्तों पर हम सबों को चलने की जरूरत है।केन्द्रीय सरना समिति भगवान बिरसा मुंडा के बताए रास्ते पर चल रही है। भगवान बिरसा के बलिदान को सम्पूर्ण भारत के आदिवासियों को याद करने और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए युवाओं को संकल्पित होकर समाज हित में कार्य करने पर जोर दिया ,आज आदिवासी समाज पर चौतरफा हमला हो रहा है और आदिवासियों की धर्म, संस्कृति, रीति, रिवाज, परंपरा एवं रूढ़िवादी व्यवस्था को नेस्तनाबूद करने का षड्यंत्र जोरों पर है। ऐसे षड़यंत्रकारी तत्वों को पहचान कर आदिवासी धर्म - समाज को गुमराह होने से बचाने एवं सुधारने का कर्तव्य हर एक आदिवासियों का है। महासचिव श्री कृष्ण कांत टोप्पो ने कहा की केंद्र सरकार द्वारा भगवान भगवान बिरसा की जयंती को संपूर्ण भारत में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है जो एक बहुत ही प्रशंसनीय कार्य है किंतु पूरे भारत में जितने भी आदिवासी वीर सपूतों ने अपने जीवन की कुर्बानी समाज और देश हित में किए हैं और आज इतिहास के पन्नों में दफन हैं उनकी जीवनी को संपूर्ण भारत के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की है , ताकि भविष्य में आनेवाली पीढ़ियों को भी आदिवासी वीरों की वीरता से प्रेरणा मिल सके और वे देशहित और समाज हित में अपना योगदान देकर समाज और देश का नाम रोशन कर सकें । इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से संरक्षक आरती कुजूर, सचिव अमर मुंडा, बिरसा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल उरांव, हेदल्हतू सरना समिति, मुकेश मुंडा, अनमोल सांगा, अंजन मुंडा, मनीष मुंडा, अविनाश मुंडा, आशीष मुंडा, विशाल मुंडा, रोहित मुंडा, माता पूर्णा देवी, आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।
उक्त आशय की जानकारी कृष्ण कान्त टोप्पो महासचिव, केंद्रीय सरना समिति - राँची ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।

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