झारखंड का क्या वास्तविक विकास
हुआ है ?:रामप्रकाश तिवारी
21 वर्ष के उम्र पुरा कर चुके युवा झारखंड आज भारी कर्ज में डुबा कराह रहा है विकास के नाम पर भ्रष्ट नेताओं,अधिकारियों,अभियंताओ ने दलालों,ठेकेदारों, माफियाओं, अपराधियों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, पूंजीपतियों ने भारी लूट-खसोट,घोटाला किया कि झारखंड वास्तविक विकास करने के बजाय बदहाली,आर्थिक रूप से कमजोर राज्य बनके रह गया है।आम जनता का कहीं विकास नहीं हुआ उल्टा आम जनता आर्थिक गरीबी, बेरोजगारी मंहगाई और भ्रष्टाचार से त्राहिमाम कर रही है। एनडीए अब यूपीए का शासन में झारखंड लूट का चारागाह बन गया है। हमारे झारखंड के युवा लड़के लड़कियां सरकारी/प्राइवेट नौकरी के लिए भटक रहे हैं रोजी रोजगार के साधन के लिए तरस रहे हैं,जो पढ़े-लिखे युवा है रोजगार में लगे हैं उनके रोजी रोजगार को एनडीए गठबंधन के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से लेकर अर्जुन मुंडा,रघुवर दास अब यूपीए गठबंधन के पूर्व मुख्यमंत्री शीबू सोरेन,मधु कोड़ा अब वर्तमान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सरकार ने चौपट कर दिया है अब रोजी-रोटी छिनने का काम कर रही है। छोटे कारोबारियों,छोटे मध्यम प्राइवेट स्कूलों को बंदी के हालात में पहुंचा दिए हैं रोजी रोजगार में लगे युवाओं, मजदूरों, कामगारों,यहाॅं तक किसानों को कोरोना लाॅकडाउन/अनलाॅक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आर्थिक दिवालिया के कगार पर पहुंचा दिया है इसके पूर्व सभी पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की सरकार मात्र रोजी रोजगार, सरकारी/प्राइवेट नौकरी दिलाने की घोषणावीर सरकार बनकर आम जनता को बेवकूफ़ बनाती रही है।
आम जनता अपने परिवार के लिए सुविधा साधन,रोटी कपड़ा मकान बिजली पेयजल शिक्षा चिकित्सा जैसे बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है उन्हें कभी एनडीए कभी यूपीए गठबंधन सरकार सपना दिखाने और विकास के नाम पर मात्र वोट लेने का मात्र राजनीतिक नोटंकी ही किया। दलाली ठेकेदारी व्यवस्था द्वारा झारखंड को लूटने,लुटाने का काम किया। आम जनता उन्हें अपना रहनुमा नेता मानकर उन्हें धर्म जाति क्षेत्र भाषा स्थानीय बाहरी के नाम पर घृणा नफरत से आक्रोशित होकर आजतक वोट देकर जगाती रही है पूर्व एनडीए की सरकार हो या वर्तमान यूपीए की सरकार का शासन हो उनके शासन में दलालों माफियाओं ठेकेदारों अपराधियों उद्योगपतियों पूंजीपतियों, व्यापारियों एवं भ्रष्ट उच्चाधिकारियों अधिकारियों अभियन्ताओ का दबदबा और उनकी सत्ता के गलियारों में पहुंच बना रहता है लेकिन आम मतदाता,आम जनता की पहुंच,उनकी समस्याओ का समाधान कभी नहीं होता और कभी उन्हें सरकार,शासन,प्रशासन, पुलिस,न्यायालय से निर्यात,सुरक्षा अधिकार नहीं मिलता है,गरीब जनता,किसान का जमीन, जायदाद कभी सरकार विकास, निर्माण कार्य के नाम पर कीमती जमीन को सस्ते दर पर अधिग्रहण करके मुआवजा के लिए दौड़ाती है वह भी दलालों के पैरवी, अधिकारियों को रिश्वत का चढ़ावा के बाद मुआवजा की रकम में कुछ हिस्सा दलालों को देने के बाद चंद रूपए मिलते हैं। यही हाल सभी सरकारी विभागों,कार्यालयो पुलिस थानों, अदालतो में रिश्वत का मोटी रकम का चढ़ावा मिलने के बाद ही कोई काम होता है ऐसे में झारखंड राज्य स्थापना की खुशियां आम जनता कैसे मनाये?
झारखंड राज्य में कहां सुशासन है कहां ईमानदार शासन है संपूर्ण व्यवस्था भ्रष्ट हो चुका है बिना रिश्वत दिए पुलिस थाना में न्याय, सुरक्षा नहीं मिलता,अदालतों में बिना रिश्वत दिए तारीख,न्याय नहीं मिलता,तमाम सरकारी विभागों,कार्यालयों में खुलेआम रिश्वत लिया जाता है बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता है। शासन प्रशासन, राजनीति में दलालों माफियाओं ठेकेदारों अपराधियों पूंजीपतियों का दबदबा कायम हो गया है।
एक रूपया आम जनता किसी भी राष्ट्रीय क्षेत्रीय दलों को चंदा नहीं देती है फिर तमाम राजनीतिक दलों द्वारा कैसे लाखों करोड़ों,अरबो रुपए चुनावी खर्च करते हैं?
एनडीए यूपीए सहित तमाम राष्ट्रीय क्षेत्रीय दलों ने अपनी सरकार द्वारा या सांसद, विधायक द्वारा झारखंड राज्य के विकास का दावा करते हैं क्या वह सच है? झारखंड की बात छोड़िए आपके शहर गांव की गली मुहल्ले की टुटी फुटी सड़कें,नाली,पुल,खराब पेयजल आपूर्ति एवं कृषि बीज खाद, सिंचाई व्यवस्था को देखिए,क्या यही विकास का पैमाना है? सरकारी अस्पतालों में अच्छी इलाज नहीं,स्कूलों में नियमित शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई नहीं है पुलिस थानों,अदालतों, सरकारी विभागों, कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार और खराब कार्य व्यवस्था को देखिए, आम आदमी को कहां राहत है?
पुलिस पूर्ण रूप से अपराध पर नियंत्रण नहीं करके पुलिस अधिकांश मामले में रफा-दफा करके रिश्वत वसुली में लगी रहती है।
भ्रष्टाचार का नंगा नाच हो रहा है खुद आम जनता जिम्मेदार है चुनावों में राजनीतिक दलों कौन खस्सी,मीट,मुर्गा भात, शराब और चंद रूपये एवं धर्म जाति क्षेत्र भाषा के नाम पर अपना वोट बेच देती है। आम आदमी आज भी किराये के कमरे या झौपड़ी में रहता है साइकिल पर चलने की मात्रा औकात रखता है दो वक्त की रोटी खाने के लिए तरसता है दुसरी तरफ दलाल माफिया अपराधी नक्सली मानसिकता चरित्रहिन नेता, भ्रष्ट अफसर दलाल, माफिया ठेकेदार उद्योगपति, पूंजीपति लूट घोटाला के काली कमाई से मंहगे वाहनों,भव्य मकानो में रहते है।तड़क भड़क भौतिक संसाधनों युक्त आधुनिक जीवनशैली जीवन जीते है।
झारखंड राज्य के जंगल पहाड़ खदानों,बालू, जमीन की लूट मची है सरकारी जमीन को अधिकारियों की मदद से दलाल बेचकर मालामाल है अब गरीबों की मंहगे जमीनो को दलाल माफिया गलत बयानी,फॅजी कागजातो की मदद से जालसाजी से खरीद बिक्री करके लाखों करोड़ों की कमाई करके मालामाल हो जाते हैं जहाॅं भी न्याय के लिए गुहार लगाते हैं वहाॅं दलाल मानसिकता के अधिवक्ताओ के फेर में धन भी गंवाते हैं न्यायालय नियम कानून के आड़ में केस को खा जाते हैं नियम कानून से अंजान गरीब जमीन मालिक न्याय के लिए न्यायालयों का चक्कर लगाते-लगाते मर जाता है। झारखंड में सीएनटी जमीन की लूट चक्र चल रहा है जो जहां है जमीन माफियाओं के हाथों बिकने के लिए भ्रष्ट व्यवस्था आतुर रहती है।
जो जी जंजाल में फंसे गया है वह रो रहा है जो इज्जत आबरू,जमीन लूटकर बैठा है उधार खाकर बैठा है वह मालामाल है बाकी गंवाकर पीड़ित परेशान हैं।ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था का पोषक बनकर आम गरीब आदमी, परिवार त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है कहीं राहत नहीं है।
आम आदमी को खुद ईमानदार बनना होगा तभी सत्ता,व्यवस्था,शासन प्रशासन, सरकार में ईमानदार लोग पहुंच पायेंगे अन्यथा भ्रष्ट व्यवस्था का शिकार बनकर भूख गरीबी आर्थिक तंगहाली से तबाह, परेशान रहना होगा।
हमें साथ दिजीए, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की स्थापना हेतु स्वतंत्र राष्ट्रवादी पार्टी के प्रत्याशियों को आगामी झारखंड विधानसभा-2024 के चुनाव में 81 सीट में से लगभग 45+ सीट पर भारी मतों से विजयी बनाकर ईमानदार सरकार बनाये तभी भ्रष्टाचार मुक्त शासन संभव है।
यह प्रेस विज्ञप्ति राम प्रकाश तिवारी
प्रदेश अध्यक्ष
स्वतंत्र राष्ट्रवादी पार्टी, झारखंड,राॅंची ने आज जारी किया है।
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