राज्यसभा सांसद,कर्नल न्यायाधीश,और पांच आईएएस के कर कमलों द्वारा डॉ हर्ष प्रभा को मिला साहित्य का सर्वोच्च सम्मान मुंशी प्रेमचंद राष्ट्रीय अवार्ड

राज्यसभा सांसद,कर्नल

 न्यायाधीश,और पांच आईएएस

 के कर कमलों द्वारा डॉ हर्ष प्रभा

 को मिला साहित्य का सर्वोच्च

 सम्मान मुंशी प्रेमचंद राष्ट्रीय

 अवार्ड



गाजियाबाद उत्तर प्रदेश की डॉ.हर्ष प्रभा "साहित्य के सर्वोच्च सम्मान मुंशी प्रेमचंद समर्पण समाज गौरव राष्ट्रीय अवार्ड 2021" से 13 नवंबर 2021 को गुलाबी नगरी जयपुर में हुई सम्मानित!जोकि समर्पण संस्था के द्वारा आयोजित किया गया था!जिसके अध्यक्ष आर्किटेक्ट दौलत राम माल्या, मुख्य सलाहकार पूर्व जिला न्यायाधीश उदय चन्द बारूपाल जी है! जिसमें मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्रीमान नीरज डांगी जी, कर्नल एस एस शेखावत जी, आईएएस सुदर्शन सेठी जी, आईएएस एस श्री महेन्द्र सिंह जी, आईएएस डॉ बीएल जाटावत जी, आई एस श्री दीपचंद बैरवा जी, आईएएस श्री केसी घुमरिया जी, कार्यकारी निदेशक दिल्ली मैट्रो श्री सूर्य प्रकाश जी, विशेषआयुक्त राज्य वस्तु एवम् सेवाकर श्री आर पी बैरवा जी, उप महाप्रबंधक आरएसआरडीसी श्री सुभाष आर्या जी, पूर्व थाना प्रभारी श्री जयपुर पुरुषोत्तम महेरिया जी, डीन एपैक्स स्कूल ऑफ लॉ डॉ अराधना परमार जी, के करकमलों द्वारा दिया गया डॉ हर्ष प्रभा को ये सम्मान! डॉ हर्ष प्रभा को लेखनी के क्षेत्र में 5 साल की अथक मेहनत और परिश्रम के बाद मिला इनको यह पुरस्कार! इनके द्वारा लिखे गए लेख और कविताएं जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुके हैं! इनके द्वारा लिखे गए 100 से अधिक लेख और कविताएं अब तक भारत के अलग-अलग राज्यों में प्रकाशित हो चुके हैं! इन्होंने सामाजिक मुद्दों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर बेहतरीन लेख लिखे हैं,जिनको पढ़कर लोगों को एक नई सीख मिल रही है! महिलाओं को इनके द्वारा लिखे गए लेख पढ़कर जीने की कला मिल रही है! महिलाओं में जागरूकता आ रही है! इन्होंने पर्यावरण पर भी बहुत ही बेहतरीन लेख लिखे हैं, जिनको पढ़ने मात्र से ही लोग पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार होने लगे हैं!इनके द्वारा लिखे गए अधिकांश लेख सच्चाई पर आधारित होते हैं! इनका कहना है कि जो अब तक इन्होंने समाज में देखा और सीखा है उसी को वह अपनी कलम से लिख रही है! लेखिका के क्षेत्र में यह इनका पहला सम्मान है, जिसको लेकर यह बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रही हैं! सामाजिक सेविका एवम् पर्यावरण के क्षेत्र में इनको 300 से अधिक पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक देश विदेश से इनको मिल चुके है!इनका कहना है कि आपको बिना रुके लगातार चलना होगा,तब जाकर आपको सफलता मिलेगी! इनका यह भी कहना है कि लिखने के लिए कलम की जरूरत नहीं, एक सच्चे हृदय की जरूरत होती है,जो लोगों की भावनाओं को अपने अंदर उतार सके,और उसको हम हुबहू लिख सके, कलम के माध्यम से! इनके इस सम्मान से देश में हर्ष का माहौल व्याप्त है देश विदेश की अनेक संस्थाओं और देश के सम्मानित व्यक्तियों ने इनको बधाई संदेश भेजे हैं!इन्होंने सभी शुभकामना संदेश को बड़ी ही सहजता से स्वीकार किया है,और अंत में इन्होंने कहा कि इनका सभी कार्य संघ और मातृ मंडल सेवा भारती को समर्पित है!

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