अनाथ पुष्पिता राय को पंच तत्व में विलीन कर संतोष अग्रवाल ने सनाथ किया

अनाथ पुष्पिता राय को पंच तत्व में विलीन 

कर संतोष अग्रवाल ने सनाथ किया




आज पुष्पित राय जो 79 वर्ष की हिन्दू महिला थी, उनका प्राकृतिक कारणों से "अपना घर" वृद्ध आश्रम में देहावसान हो गया. उनके आगे पीछे कोई नहीं था. वह डोरंडा रांची के संभ्रांत परिवार से थी. कालान्तर में उनका सारा परिवार कालकलवित हो गया और सीसीएल से रिटायर होने के बाद उनकी व्यक्तिगत आय व सम्पत्ति नष्ट हो गई. स्वयं उन्होंने अपना ठिकाना "अपना घर" वृद्धाश्रम लटमा रोड़ हेसाग को बना लिया था.

स्व. पुष्पित राय पिछले सात आठ वर्षो से "अपना घर" में रहती थीं और पिछले कई दिनों से वह बीमार चल रही थीं. उनका कहना था कि उनके शरीर के शांत होने पर उनका दाह संस्कार हिंदू रीति रिवाज से कर दिया जाए इसके लिए अपना घर के संचालकों में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह सेवा प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल से संपर्क किया और उनके दाह संस्कार की व्यवस्था के लिए सभी लोग लग गए. संतोष अग्रवाल जिन्होंने अब तक 100 से अधिक अनाथ और अस्साहय लोगों का दाह संस्कार किया है वह तुरंत आगे आए और उन्होंने अपने हाथों उनके पार्थिव शरीर को मुक्तिधाम हरमू घाट पर मुखाग्नि प्रदान कर उनके पार्थिव शरीर को पंच तत्व में पूरे विधि विधान के साथ समर्पित किया. इसमें उनका साथ विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर के अध्यक्ष कैलाश केसरी नारनौली अग्रवाल सभा के प्रकाश अग्रवाल, राजेश अग्रवाल (हरमू) ने साथ दिया. चिता को व्यवस्थित करने का कार्य हरमू घाट पर विजय मिंज और उनके बेटे आशीष मिंज व अभय मिंज ने किया. संतोष अग्रवाल ने इस सारे कार्य में जो भी सामग्री लगी उसकी तन मन धन से व्यवस्था की.

विश्व हिंदू परिषद झारखंड के सेवा विभाग के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी की ओर से बताया कि विहिप का यह संकल्प है कि जब भी किसी अस्साहय और अनाथ व्यक्ति का शरीर रांची महानगर में शांत होगा तो उसका विधिवत दाह संस्कार हिंदू विधि विधान से उनकी ओर से संतोष अग्रवाल द्वारा जानकारी होने पर किया जाएगा. वर्ष 2016 से आजतक सेवा विभाग विश्व हिंदू परिषद इसके लिए निरंतर आगे बढ़कर कार्य करता आ रहा है.

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