तिलक जंजू राखा प्रभ ताका, कीनो बढो क्लू म्हीं साका।साजन हेत इति जन करी, सीस दिया पर सी न उचरी।। "शहीदी नगर कीर्तन को पुष्प वर्षा के मध्य भावपूर्ण विदाई" कानपुर से लखनऊ रवाना

 तिलक जंजू राखा प्रभ ताका, कीनो बढो क्लू म्हीं

 साका।साजन हेत इति जन करी, सीस दिया पर सी

 न उचरी।। "शहीदी नगर कीर्तन को पुष्प वर्षा के

 मध्य भावपूर्ण विदाई" कानपुर से लखनऊ रवाना 



कानपुर, मंगलवार। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 350वें गुरता गदी दिवस और नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दयाला जी की 350वीं शहादत शताब्दी दिवस को समर्पित महान शहीदी नगर कीर्तन आज कानपुर से उन्नाव के रास्ते अपने अगले पड़ाव प्रदेश की राजधानी लखनऊ को रवाना हो गया, भारी बारिश की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में संगत ने प्रातः काल से ही गुरुद्वारा रंजीत नगर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर, गुरुद्वारा रंजीत नगर एवं श्री गुरु सिंह सभा लाटूश रोड कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गुरमत समागम में शामिल हुए।
इस अवसर पर श्री दरबार साहिब अमृतसर के ग्रन्थि भाई केवल सिंह ने गुरुबाणी विचार करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत मानवता के लिए थी, यदि गुरु साहिब अपनी लाशानी शहादत से एक नया इतिहास सृजित किया जिससे आने वाली सदियां सजदा और और प्रेरणा प्राप्त कर मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति सचेत रहेंगी।
इस अवसर पर श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई लखविंदर सिंह ने "तिलक जंजू राखा प्रभ ताका, कीनो बढो क्लू महीं साका।साजन हेत इति जन करी, सीस दिया पर सी न उचरी"।। का गायन कर संगत को निहाल किया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर के प्रचारक भाई सरबजीत सिंह ढोढिया ने गुरमत विचार करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब और उनके साथी शहीदों के इतिहास से संगत को जोड़ा।
इस अवसर पर पंज प्यारे साहिबान, श्री दरबार साहिब अमृतसर के ग्रन्थि भाई केवल सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर के सदस्यों अमरजीत सिंह बंडाला, मुगवीर सिंह खापरखेडी, अमरजीत सिंह भलाईपुर, सिख मिशन हापुड़ के इंचार्ज भाई बृजपाल सिंह, डी ए वी की वरिष्ठ प्रवक्ता श्रीमती नीतू भल्ला, प्रचारक जगजीत सिंह, गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब के पूर्व अध्यक्ष मोकम सिंह आदि को गुरु घर का सम्मान "सिरोपा" बक्शीश किया गया। मोकम सिंह ने 500 लीटर डीजल नगर कीर्तन को समर्पित करने की अरदास करवाई।
समाप्ति सरबत के भले एवं पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ से लोगों के जान माल की रक्षा करने की अरदास के साथ दिवान की समाप्ति हुई।
सचखंड से श्री गुरु ग्रन्थ साहिब पंज प्यारों की अगुवाई में अपने विशेष वाहन पर पुष्प वर्षा के मध्य विराजमान हुए भारी संख्या में संगत ने श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के समक्ष शीश निवा कर अपनी श्रद्धा अर्पित की तो " बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" के गगनभेदी जयकारों के बीच शहीदी नगर कीर्तन श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग, मरियमपुर स्कूल, चैन फैक्ट्री चौराहा, शास्त्री नगर, विजय नगर, गोविंद नगर, साकेत नगर, गौशाला, नौबस्ता होते हुए उन्नाव के रास्ते अपने अगले पड़ाव प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए रवाना हो गया।
इस अवसर पर हरविंदर सिंह लार्ड, ज्ञानी मदन सिंह, सुरजीत सिंह लार्ड, हरजीत सिंह सोनी, सरबप्रीत सिंह सागरी, हरमिंदर सिंह लोंगोवाल, अमनजोत सिंह रौनक, हरजीत सिंह अरोरा, टीटू सागरी, रविन्द्र सिंह एडवोकेट, नीतू सिंह, जसबीर सिंह सचदेवा, राजिंदर सिंह , जोगिंदर सिंह वासू, दविंदर पाल सिंह, रंजीत सिंह छतवाल, नीना बहनजी, कंवलजीत सिंह सोनी, डा. टी एस कालरा आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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