रांची की जाफरिया मस्जिद में
जश्न-ए-काबा मनाया गया
मौलाना तहजीब की सेवाओं की 25 वर्ष पूर्ण होने पर अंजुमन जाफरिया ने सम्मानित किया
रांची: हजरत अली के जन्म दिवस के अवसर पर अंजुमन जाफरिया ने जश्न मौलूद ए-काबा का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता रांची जाफरिया मस्जिद के इमाम व खतीब हजरत मौलाना हाजी सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने की। संचालन मौलाना दानिश और सोहेल सईद ने किया। कई शायरों ने हजरत अली की शान में कसीदा पढ़ा, जो बहुत पसंद किया गया। इस मौके पर अंजुमन जाफरिया ने एक खास प्रोग्राम का आयोजन किया। जो अपने आप में अनोखा था। मस्जिद जाफरिया के इमाम हजरत मौलाना हाजी सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने झारखंड में धार्मिक और सामाजिक सेवाओं के 25 साल पूरे कर लिए हैं। उनकी सेवाओं के लिए अंजुमन जाफ़रिया ने मौलाना को अवॉर्ड से सम्मानित किया। इस मौके पर एक सर्टिफिकेट ऑफ़ एप्रिसिएशन, गुलदस्ता, शॉल, कैलेंडर, तोग़रा वगैरह भेंट किया गया। अंजुमन जाफ़रिया के ट्रेज़रर सैयद अली हसन फ़ातमी ने मौलाना को माला पहनाकर स्वागत किया। सैयद समर अली ने गुलदस्ता दिया और अंजुमन जाफ़रिया के सेक्रेटरी सैयद अशरफ़ हुसैन ने स्पाश नामा दिया। तौसीफी अवॉर्ड हबीब हैदर और डॉ. अनीस हैदर ने दिया। मास्टर उस्मान ने मौलाना की सेवाओं की बहुत तारीफ़ की। शॉल इक़बाल हुसैन फ़ातमी और सैयद अत्ता इमाम रिज़वी ने दिया। तोगरा सैयद शारुख हसन रिज़वी ने दिया। यह देखने लायक नजारा था कि मस्जिद जाफ़रिया में जश्न मौलूद ए काबा और मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सम्मानित। सैयद तहज़ीबुल हसन रिज़वी ने जश्न मौलूद ए काबा को संबोधित करते हुए कहा कि हज़रत अली की शख्सियत सिर्फ़ मुसलमानों के लिए ही नहीं बल्कि इंसानियत के लिए भी है। उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी इंसानियत को ज़िंदा रखने के लिए बिताई और हमेशा लोगों से तालीम हासिल करने की अपील की। हज़रत अली ने कहा कि अशिक्षा गरीबी है, शिक्षा दौलत है।

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