पुरुषों और राजनीतिक नेतृत्व से महिलाओं को
अपेक्षित सहयोग नहीं : अनुपमा प्रसाद
रांची 3 मई. स्वर कोकिला, स्वतंत्रता सेनानी, सुप्रसिद्ध कवयित्री और भारत की पहली महिला राज्यपाल सरोजिनी नायडू द्वारा स्थापित अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की स्थापना दिवस के अवसर पर आज रांची में मेगा आई चेक अप एण्ड हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया. राजधानी के करमटोली चौक पर स्थित रांची प्रेस क्लब के सभा कक्ष में आयोजित इस शिविर में 300 से अधिक लोगों ने अपनी नेत्र जाँच के साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाया और लाभान्वित हुए.
इस शिविर के संबंध में जानकारी देते हुए अखिल भारतीय महिला सम्मेलन बरियातु की सचिव अनुपमा प्रसाद ने बताया कि इस शिविर में सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. पुष्पा पांडेय और श्रेष्ठ नेत्र चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं अनेक स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने अपना योगदान दिया. कैम्प में सभी लोगों को उनके स्वास्थ्य के संबंध में परामर्श दिया गया.
इससे पहले स्वर कोकिला, श्रीमती सरोजिनी नायडू के चित्र पर माल्यार्पण के साथ प्रारम्भ आज के समारोह में अखिल भारतीय महिला सम्मेलन, बरियातु की ओर से एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं की सशक्त होती भूमिका के संदर्भ में सभी वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये. सेमिनार को संबोधित करती हुई सम्मेलन की अध्यक्ष मीना सिंह ने कहा कि महिलायें सभी क्षेत्रों में जागरूक हैं और वे निरंतर आगे बढ़ रही हैं और आवश्यकता इस बात की है कि अब उन्हें राजनीति एवं प्रशासनिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये तमाम कानूनी रूकावटों को दूर किया जाये अपने संबोधन में सचिव अनुपमा प्रसाद ने कहा कि जिस प्रकार से हाल फिलहाल में महिलाओं की भूमिका बढ़ी है उसे मामले में यह कहना महिलाओं के मामले में सबसे महत्वपूर्ण और सकारात्मक बात यह है कि महिलाओं की भूमिका और उनकी पहचान के मामले में महिलाएं ही आगे बढ़ चढ़कर अपना योगदान दे रही है और अफसोस की बात यह है कि जहाँ भी पुरुषों या राजनीतिक नेतृत्व से अपेक्षित आशा होती है वह पूरी नहीं हो पाती श्रीमती प्रसाद ने कहा कि जिस दिन इस परिस्थिति में बदलाव होगा उसे दिन न केवल महिलाओं की स्थिति और भी ज्यादा महत्वपूर्ण होगी बल्कि इसका सीधा-सीधा असर देश के राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास पर भी होगा जो सरोजनी नायडू के सपनों को पूरा करेगा.
आज के मेगा आई चेक अप हेल्थ कैंप के आयोजन में इंदिरा शुक्ला, सतनाम सलूजा, सुषमा शुक्ला, कुमकुम गौड़, राका ठाकुर, नैना तनेजा, मोना गुप्ता, नूतन मिश्रा, एकता राय, सुचन्द्रा पांडा, सुचित्रा अग्रवाल, हरबीर कौर, किरण सिंह, रूपम सिन्हा, अनुपमा सिंह, पुष्पा सिंह, रागिनी लक्ष्मण के साथ ही अन्य अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.




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