रांची अवर निबंधक कार्यालय तो है भ्रष्टाचार की गंगोत्री परन्तु हिनू ग्रामीण में भी भ्रष्टाचार उफान पर है !

रांची अवर निबंधक कार्यालय तो है भ्रष्टाचार 

की गंगोत्री परन्तु हिनू ग्रामीण में भी 

भ्रष्टाचार उफान पर है !

रांची अवर निबंधक कार्यालय

   रांची संवाददाता: कोरोना काल में तो सबकुछ मंदी और बंदी पर है क्या अमीर क्या गरीब सभी रो रहे हैं परन्तु रांची अवर निबंधक कार्यालय से लेकर रांची में जितने भी अवर निबंधक कार्यालय हैं उसके कर्मचारी और उसमें संलिप्त होकर कार्यनिष्पादित करने वाले ज्यादातर दस्तावेज नवीस संघ इस कोरोना काल में भी बम- बम हैं। भले हीं रजिस्ट्री का मामला कम आ रहा हो परन्तु जो भी आ रहा है उसमें रेट रिश्वत का बढ़ गया है इसमें रजिस्टार से लेकर कार्यालय के कर्मचारी और दस्तावेज नवीस संघ की भी संलिप्ता रिश्वत उगाही में खुब है। वहीं रिश्वत देने वाले लोग भी खुशी- खुशी रिश्वत दे रहे हैं कि इस कोरोना काल में भी उनका रजिस्ट्री हो जा रहा है चाहे कीमत रिश्वत का उनको जो भी चुकानी पड़े इसी क्रम में न्यूज रांची मेल संवाददाता ने निबंधन कार्यालय रांची ग्रामीण क्षेत्र का ब्योरा प्रस्तुत किया है। संवाददाता के अनुसार मनमानी चरम सीमा पर है निबंधन कार्यालय रांची ग्रामीण क्षेत्र में। सरकार का दावा सात मिनट में रजिस्ट्री पूरी तरह फेल है यहां कारण 
1. दस्तावेज सीन के नाम पर साहब के टेबल में घंटों रखा जाना। 
2. घंटों रखकर प्रताड़ित करके मोटी रकम की मांग करना ।
3. बिना नुक्स के भी प्रति दस्तावेज साहब कार्यालय खर्च छोड़कर 2000 से 5000 मांग करते हैं। 
4. कार्यालय खर्च के नाम पर 2500 रूपया लिया जाता है।
5. लगान/रसीद/ खतियान आॅनलाईन गलत पाए जाने पर 10 हजार तक की मांग किया जाना।
6. फिर कार्यालय के कर्मचारी / कम्प्यूटर आॅपरेटर भी - अलग -अलग खर्चा मांग करते हैं।
हिनू निबंधन कार्यालय रांची ग्रामीण क्षेत्र की गतिविधियों को देखते हुए यहां आम चर्चा यह है कि यहां भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है जिससे लगता है कि राज्य में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की सरकार फेल है।

Post a Comment

0 Comments