रांची अवर निबंधक कार्यालय :चोर -चोर मौसेरे भाई वाली कहावत आपने सूना होगा

रांची अवर निबंधक कार्यालय :चोर -चोर मौसेरे

भाई वाली कहावत आपने सूना होगा




यह हैं रांची अवर निबंधक कार्यालय स्थित दस्तावेज 

नवीस संघ रांची शाखा का कार्यलय प्रांगण।


यह है रांची अवर निबंधक कार्यालय का कंप्यूटर विभाग।



साहब की कुर्सी इजलास में पिछले दो तीन सालों से इंतजार कर रहा है!



यह है रांची अवर निबंधक कार्यालय का दीवार पर लगा सीसी कैमरा

 कैमरा काम करता है या नहीं इस पर भी लोगों के बीच संदेह है ।


साहेब अपने चेंबर में निबंधन कार्य कर रहे हैं और इजलास खाली है 

लोग इजलास के बाहर खङे हैं, है न ऐतिहासिक कार्य!


गत 19 अप्रैल को रांची अवर निबंधक के विरोध में बैठक करते हुए 

झारखंड दस्तावेज नवीस  संघ के पदाधिकारीगण।



रांची अवर निबंधक कार्यालय प्रांगण में खङी मंहगी गाङियां,

 इसमें कई दस्तावेज नवीसों के हैं!


19 अप्रैल : प्राप्त सूचनानुसार आज अचानक रांची रजिस्ट्री कार्यालय और रजिस्टार से ना खुश होकर दस्तावेज नवीस संघ रांची शाखा द्वारा आवश्यक बैठक किया गया और रजिस्टार द्वारा मन मानी घुस मांगने का विरोध किया जा रहा है, नहीं तो काम बंद करने का निर्णय भी लिया गया है दस्तावेज नवीसों के संगठन द्वारा साथ ही उपर तक अवर निबंधक वैभव मणि त्रिपाठी के संबंध में लिखने की बात की जा रही है। उक्त संबंध में चर्चा है लोगों में कि रांची अवर निबंधक परिसर में स्थापित दस्तावेज नवीस और उनके संगठन एवं उसके पदाधिकारी खुद कितना दुध के धुले हैं जो अवर निबंधक पर्दे अंगुली उठा रहे हैं? आज की बैठक में यह भी चर्चा हुई कि रांची के चारो अवर निबंधक निबंधक संगठन से बात करें और दस्तावेज नवीसों के लिए कारोबार हेतु नीति निर्धारण करें अगर ऐसा नही होता है तो संघ हङताल करेगी। अब सवाल यह उठता है कि अवर निबंधक कार्यालय में रिश्वतखोरी की कमाई से ही कुछ को छोङ कर शेष दस्तावेज नवीस आकूत संपत्ति अर्जित किया है, इनकी कीमती गाङियां महंगे मकान भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की कमाई से हीं अर्जित है, सबसे पहले तो इन्हीं की जांच होनी चाहिए फिर अवर निबंधक और अवर निबंधक कार्यालय में पवित्रता की बात होनी चाहिए। आज लगातार रांची के चारो अवर निबंधक कार्यालय में अवर निबंधक अपने ईजलास में काम नहीं करते वो अपने चेंबर में हीं अपने पंजीयन संबंधित कार्य को अंजाम देते हैं ,तब तो कोई दस्तावेज नवीस या उनका संगठन विरोध नहीं करता? सभी साहब के चेंबर में घूस अपना काम करवाते हैं, फिर आज दस्तावेज नवीस संघ के पदाधिकारी हरिशचंद्र कैसे बन गए? चर्चा तो यह भी है कि झारखंड दस्तावेज नवीस संघ के पदाधिकारी अपने सदस्यों का हित कम और अपना हित ज्यादा सांधते हैं संगठन के नाम पर..... जारी।

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