उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची
श्री मंजूनाथ भजंत्री ने आम जनता से मिल कर
उनकी समस्याओं को सुना एवं उनकी शिकायतें
एवं समस्याएं सुनी तथा संबंधित पदाधिकारियों
को त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए
सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित किया कि प्राप्त फरियादों का समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए
जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी:-उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री, ने आज दिनांक- 06 जनवरी 2026 को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आम जनता से मिल कर उनकी समस्याओं को सुना एवं उनकी शिकायतें एवं समस्याएं सुनी तथा संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
इस दौरान मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, भूमि उपयोग की अनुमति (परमिशन) तथा अन्य विविध समस्याओं से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं। उपायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित किया कि प्राप्त फरियादों का समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य आमजन तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को सुगमता से पहुंचाना है। जनता दरबार जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाता है।
इस दौरान राष्ट्रीय जतरा महोत्सव के आयोजकों के प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री से मुलाकात की। उन्होंने ज्ञापन देते हुए कहा की विगत कई वर्षों से रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में सफलतापूर्वक आयोजित हो रहे इस महोत्सव के बैनर तले आदिवासी समाज की प्राचीन परंपराओं, रीति-रिवाजों, लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाता रहा है।
इस महोत्सव में झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से आदिवासी कलाकार एवं खोड़ा दल एकत्रित होकर अपनी पारंपरिक कला, संस्कृति एवं सामाजिक एकता का जीवंत प्रदर्शन करते हैं। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से विनम्र अनुरोध किया कि इस वर्ष राष्ट्रीय जतरा महोत्सव के आयोजन हेतु 31 जनवरी से मोराबादी मैदान आवंटित किया जाए, ताकि यह सांस्कृतिक कार्यक्रम पूर्ववत शांतिपूर्ण, गरिमामय एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। जिसपर उपायुक्त ने उनके अनुरोध पर विचार करने का आश्वासन दिया।

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