जीवनांक (जन्म-मृत्यु) सीआरएस
पोर्टल का तीन दिवसीय जिलास्तरीय
प्रशिक्षण का समापन
उपायुक्त-सह-जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया गया था शुभारंभ
दिनांक 02.01.2026, 05.01.2026 एवं 06.01.2026 को आयोजित किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम
नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों/कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
पदाधिकारी एवं कर्मियों को निर्धारित समय सीमा (21 दिनों के अंदर जन्म-मृत्यु) का निबंधन पूर्ण करवाने का निर्देश
निबंधन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी - उपायुक्त-सह-जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री
रांची जिले में नागरिक निबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिनांक 02.01.2026, 05.01.2026 एवं 06.01.2026 को समाहरणालय ब्लॉक-बी स्थित कमरा संख्या- 505 में नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
उपायुक्त-सह-जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा दिनांक 02.01.2026 को दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। इस दौरान उन्होंन कहा कि निबंधन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। प्रशिक्षण में सभी पदाधिकारी एवं कर्मी को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई कि निर्धारित समय सीमा (21 दिनों के अंदर जन्मदृमृत्यु) का निबंधन पूर्ण कराया जाये। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा निर्देश दिया गया कि पदाधिकारी/कर्मी प्रशिक्षण का उपयोग कर अपनी कार्य कुशलता बढ़ाएं एवं आम नागरिकों को दलालों के चक्कर से मुक्त दिलाते हुए त्वरित एवं पारदर्शी सेवा प्रदान करें।
दिनांक 06.01.2026 को त्रिदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) रांची श्री शेषनाथ बैठा द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसमें सरकारी सेवाओं को जनता के द्वार तक पहुंचाने तथा डिजिटल इंडिया की भावना को साकार करने के साथ जन्म-मृत्यु निबंधन में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया जा रहा है।
जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1969 में निहित प्रावधान के अंतर्गत राज्य में होने वाली प्रत्येक जन्म-मृत्यु की घटना का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यह न केवल व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है, अपितु जन्म की तिथि एवं स्थान का यह एक प्रमाणिक दस्तावेज है। स्कूल में प्रवेश, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, विदेश यात्राओं के लिए पासपोर्ट, मताधिकार प्राप्त करने के लिए, वृद्धावस्था पेंशन, बालिका समृद्धि योजना, बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी, देश की वर्तमान जनसंख्या की स्थिति एवं मृत्यु की तारीख का एक प्रमाणिक दस्तावेज है। संपत्ति के दावे, कोर्ट कचहरी में मृत्यु का साक्ष्य, जीवन बीमा, बैंक खातों, दुर्घटना आदि, देश की वर्तमान जनसंख्या, चिकित्सा विज्ञान, शिशु मृत्यु दर, संपत्ति हस्तांतरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, सदर रांची श्री कुमार रजत, अपर समाहर्ता, रांची श्री रामनारायण सिंह, जनगणना कार्य निदेशालय, रांची के संयुक्त निदेशक श्री सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, उप नगर प्रशासक-सह-रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) श्रीमती निहारिका तिर्की, सहायक निदेशक श्री ज्ञानचन्द्र महतो, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री शेषनाथ बैठा एवं संबंधित सभी सांख्यिकी कर्मी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, सभी प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक, सभी पंचायत सचिव-सह-रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), रांची संबंधित सभी कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित थे।
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